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वेतन नहीं मिला तो शिक्षक जड़ेंगे स्कूलों में ताले

Wed, 11 Feb 2015 11:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ
ब्यूरो/अमर उजाला,कठुआ Updated Wed, 11 Feb 2015 11:56 AM IST
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teachers protest against adminitration

अध्यापकों की स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता और समय पर वेतन न मिलने को लेकर जम्मू-कश्मीर टीचर्स फोरम की कठुआ इकाई ने मंगलवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को जल्द हल नहीं किया गया तो वह स्कूलों में ताला जड़कर सड़क पर उतरकर आंदोलन के लिए मजबूर हो जाएंगे।

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फोरम के जिला अध्यक्ष सुभाष शर्मा ने कहा कि एसएसए, एनपीएस और रमसा के तहत अध्यापकों के स्थानांतरण के लिए पिक एंड चूज की नीति पर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा तंत्र में अराजकता बनी हुई है और विद्यार्थियों की शिक्षा में बाधा पहुंच रही है। वेतन समय पर न मिलने के कारण अध्यापकों को दोहरे दबाव से गुजरना पड़ता है। इसके लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।
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उन्होंने कहा कि अध्यापकों का स्थानांतरण लोकतांत्रिक व पारदर्शिता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि पिक एंड चूज के तहत किए गए तबादलों को रद्द किया जाए औरा लेक्चरर और हेडमास्टर की लंबित पदान्नति सूची जारी की जाए। फोरम के जिला महासचिव प्रवीण सिंह ने कहा कि स्थानांतरण और वेतन समय पर न मिलने के कारण अध्यापकों में रोष है।
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उन्होंने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अध्यापक स्कूलों में ताला जड़ सड़काें पर उतरने को मजबूर हाेंगे। इस मौके पर पवन कुमार, विनोद कुमार, लेख राज, संजीव शर्र्मा, शिवदेव सिंह, राज कुमार, अंग्रेज चंद, बलवीर सिंह व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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