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कठार कांड के बाद सुरक्षा बढ़ाई
ब्यूरो/अमर उजाला, अरनियां
Updated Fri, 05 Dec 2014 01:55 AM IST
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कठार कांड के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं मुठभेड़ खत्म होने के पांच दिन बाद भी घटनास्थल पर स्थानीय पुलिस लगातार नजर जमाए हुए है।
आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों द्वारा लगाए गए इसके आसपास और भी विस्फोटक मिल सकते हैं जिन्हें आतंकियों ने मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के खिलाफ इस्तेमाल करने के इरादे से लगाया था।
अभी तक हालांकि मात्र पांच आईईडी मिली है जिन्हें उसी समय निष्क्रिय कर दिया गया था। वहीं किसानों को घटनास्थल तक जाने के लिए भी अभी तक रोक लगाई हुई है। वहीं अर्ध सैनिक बलों की दो कंपनियां भी सुरक्षा में मदद कर रही हैं।
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स्थानीय पुलिस के बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर डाग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल का चप्पा-चप्पा खोजा जा रहा है मगर फिर भी घटनास्थल को स्थानीय किसानों व नागरिकों के हवाले करने से पहले किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती।
पाकिस्तान के नापाक इरादों व चुनावी माहौल से देखा जा रहा है जिससे अर्ध सैनिक बलों की दो कंपनियों को भी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
वहीं एक आईआरपी की कंपनी को भी लगाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस वर्ष 16 जुलाई से लेकर 24 अक्तूबर तक पाक द्वारा लगातार भयंकर गोलाबारी व गत माह 27 तारीख को कठार गांव में हुए आतंकी हमले के चलते अभी तक क्षेत्र के किसी भी पोलिंग बूथ को संवेदनशील व अति संवेदनशील घोषित नहीं किया गया है।
मगर मौजूदा हालात के चलते क्षेत्र के लगभग सभी बूथ अति संवेदनशील की तरह देखे जा सकते हैं। यहां तक कि अगर इससे भी ज्यादा पोलिंग खराब होते हैं तो क्षेत्र के आधे से ज्यादा पोलिंग बूथों का स्थान किसी सुरक्षित स्थानों पर भी बदला जा सकता है। क्षेत्र में पांचवें और अंतिम चरण में इस माह की 20 तारीख को चुनाव होने हैं।
वहीं अरनिया थाना प्रभारी जतिन्द्र संबयाल का कहना है कि हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी को नहीं रखा जा रहा है। पुलिस द्वारा दिन रात अतिरिक्त नाके भी लगाए जा रहे हैं।
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आशंका जताई जा रही है कि आतंकियों द्वारा लगाए गए इसके आसपास और भी विस्फोटक मिल सकते हैं जिन्हें आतंकियों ने मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों के खिलाफ इस्तेमाल करने के इरादे से लगाया था।
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अभी तक हालांकि मात्र पांच आईईडी मिली है जिन्हें उसी समय निष्क्रिय कर दिया गया था। वहीं किसानों को घटनास्थल तक जाने के लिए भी अभी तक रोक लगाई हुई है। वहीं अर्ध सैनिक बलों की दो कंपनियां भी सुरक्षा में मदद कर रही हैं।
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स्थानीय पुलिस के बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर डाग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल का चप्पा-चप्पा खोजा जा रहा है मगर फिर भी घटनास्थल को स्थानीय किसानों व नागरिकों के हवाले करने से पहले किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती।
पाकिस्तान के नापाक इरादों व चुनावी माहौल से देखा जा रहा है जिससे अर्ध सैनिक बलों की दो कंपनियों को भी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है।
वहीं एक आईआरपी की कंपनी को भी लगाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस वर्ष 16 जुलाई से लेकर 24 अक्तूबर तक पाक द्वारा लगातार भयंकर गोलाबारी व गत माह 27 तारीख को कठार गांव में हुए आतंकी हमले के चलते अभी तक क्षेत्र के किसी भी पोलिंग बूथ को संवेदनशील व अति संवेदनशील घोषित नहीं किया गया है।
मगर मौजूदा हालात के चलते क्षेत्र के लगभग सभी बूथ अति संवेदनशील की तरह देखे जा सकते हैं। यहां तक कि अगर इससे भी ज्यादा पोलिंग खराब होते हैं तो क्षेत्र के आधे से ज्यादा पोलिंग बूथों का स्थान किसी सुरक्षित स्थानों पर भी बदला जा सकता है। क्षेत्र में पांचवें और अंतिम चरण में इस माह की 20 तारीख को चुनाव होने हैं।
वहीं अरनिया थाना प्रभारी जतिन्द्र संबयाल का कहना है कि हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी को नहीं रखा जा रहा है। पुलिस द्वारा दिन रात अतिरिक्त नाके भी लगाए जा रहे हैं।