{"_id":"0456d78434e8b8571f76b0058a931e55","slug":"pakistani-fire-build-up-panic-in-villagers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाकिस्तान की गोलाबारी से ग्रामीणों में दहशत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पाकिस्तान की गोलाबारी से ग्रामीणों में दहशत
ब्यूरो/अमर उजाला,आरएसपुरा
Updated Thu, 08 Jan 2015 02:10 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की गोलाबारी के बाद सीमांत ग्रामीणों का साहस एक मिसाल की तरह सामने आया है। आरएस पुरा सेक्टर में हाल के दिनों में हालांकि अभी तक फायरिंग नही की गई है परंतु आशंकाओं के बादल यहां भी घिरते हैं।
विज्ञापन
इस तरह दहशत के बावजूद ग्रामीण तारबंदी के पास मवेशियों के लिए चारा लाने और खेतीबाड़ी करने में लगे हैं और पूछो तो कहते हैं पापी पेट का सवाल है। पाकिस्तान की ओर से कई स्थानों पर गोलाबारी के बाद आरएस पुरा सेक्टर में भी फायरिंग की आशंका से इंकार नहीं किया जा रहा।
विज्ञापन
इसके बावजूद सीमांत ग्रामीणों का साहस देखकर लगता है कि उनको पाकिस्तान की गोलाबारी का कोई डर नहीं। तारबंदी के पास मवेेशियों के लिए चारा लाने व खेतीबाड़ी में लगे किसान धर्मपाल चौधरी का कहना है कि उनके पूर्वजों ने हमेशा ऐसे हालात में भी काम किया और गोलाबारी का डर नहीं रहा।
विज्ञापन
यही कारण है कि उनको सेना पर विश्वास है और गोलाबारी करने पर कोई डर नहीं है बाकी रोजमर्रा का काम तो करना ही है। पाकिस्तान की ओर से जब भारी गोलाबारी की गई है तब जरूर परिवार के लोगाें को सुरक्षित स्थानों पर ले जान पड़ा।
बिना वर्दी के ग्रामीण सिपाही बनकर यहां सीमा पर जवानों का साथ दे रहे हैं। आरएस पुरा कसबे में कालेज में शिक्षा प्राप्त कर रही आशा चौधरी का कहना है कि वह इन दिनों भी आरएस पुरा कसबे में शिक्षा प्राप्त करने के लिए की गई तारंबधी के सामने से साइकिल पर हर रोज आती जाती है।