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जम्मू में रहा इतिहास का सबसे ठंडा दिन
जम्मू/ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jan 2013 01:44 PM IST
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हाहाकारी ठंड सारे रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। जम्मू के लिए सोमवार इतिहास का सबसे ठंडा दिन रहा। यहां दिन का तापमान सामान्य से 12.3 डिग्री कम 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है।
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समूचे लद्दाख में जिंदगी जम गयी है। द्रास में पारा शून्य से 27 डिग्री सेल्सियस तक नीचे लुढ़क चुका है। कारगिल में पारा शून्य से 16.4, लेह में 14.2 और श्रीनगर में 4.9 डिग्री सेल्शियस तक नीचे लुढ़ककर कहर बरपा रहा है।
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हड्डियां गला देने वाली ठंड से जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है। कड़ाके की ठंड में बिजली, पानी, राशन और गैस के लिए भी लाले पड़ रहे हैं। पिछले कई सालों में लगातार तीन हफ्ते तक ऐसी जानलेवा ठंड कभी नहीं पड़ी। मैदानों का हाल पहाड़ों से भी बदतर है। श्रीनगर की विश्व प्रसिद्घ डल झील जमना शुरू हो गई है।
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पुंछ और भद्रवाह के अलावा पीर पंजाल के पहाड़ी इलाकों में पानी के स्रोत जम गए हैं। पुंछ और राजोरी के कई इलाकों में पानी बर्फ में तब्दील हो गया है। मौसम विभाग की मानें तो अगले तीन दिनों तक मौसम के तेवर यही रहेंगे। कोहरे के चलते वाहनों की रफ्तार भी थम सी गयी है। जम्मू आने वाली सभी रेलगाड़ियां कई घंटे की देरी से पहुंच रही हैं। उड़ानों पर भी असर हो रहा है।
इससे पहले वर्ष 2011 में पांच जनवरी को जम्मू शहर का तापमान सामान्य से बारह डिग्री कम 7.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा 12 जनवरी 2010 को शहर का तापमान 9.3 डिग्री, एक जनवरी 2002 और पंद्रह जनवरी 2003 को तापमान 9.4 डिग्री दर्ज किया गया था। सोमवार को जम्मू के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में केवल तीन डिग्री का अंतर रहा।