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सीमावर्ती ग्रामीणों की आरवीए का दर्जा देने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, सांबा
Updated Sun, 11 Jan 2015 02:09 PM IST
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सांभारत-पाक अंतर्राष्ट्रीय सीमा के सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों ने मांग उठाई है की उन्हें नियंत्रण रेखा में दिए जाने वाले आरक्षण आरवीए का लाभ दिया जाए।
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उनका कहना था कि अब नियंत्रण रेखा जैसा ही आईबी का हाल है जिस से वे लोग आये दिन पाक गोलाबारी से प्रभावित होते आ रहे है।
सदोह के सरपंच दशर्न सिंह, किसान नेता गार सिंह, जगदीश कुमार, सरपंच दर्शन चौधरी, सरपंच शशी पाल शर्मा, नम्बरदार पुर्ण सिंह, सरपंच बलबीर सिंह आदि ने केन्द्र की भाजपा सरकार से मांग की है कि आईबी पर रहने वाले लोगों को भी आरवीए का दर्जा दिया जाए।
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उनके बच्चों को रोजगार के साधन उपलब्ध हो सकें। उन का कहना था कि नियंत्रण रेखा की भांति ही आईबी पर भी आए दिन गोलाबारी होती आ रही है।
उन्हें सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ता है। ऐसे में कई कई दिन तक उनके बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित होती है। जिसमें उन के बच्चे अन्य बच्चों से पिछड़ जाते है।
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वह किसी भी प्रतियोगिता में अच्छे अंक नहीं ले पाते है। उन का कहना था की सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों के बच्चे अधिकतर बेेरोजगार है।
यहां के लिए कोई स्पेशल भर्ती तक नहीं हो रही है जिस से उन्हें बच्चो के भविष्य की भी चिंता सता रही है। उन्हें अब केन्द्र की सरकार पर ही आस बंधी है।