{"_id":"27-45448","slug":"Jammu-45448-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"कश्मीरी हिंदू श्राइन बिल पारित न करने का विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कश्मीरी हिंदू श्राइन बिल पारित न करने का विरोध
Jammu
Updated Wed, 12 Mar 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। विधानसभा में कश्मीरी हिंदू श्राइन बिल को पारित न करने पर यूथ आल इंडिया कश्मीरी समाज ने विरोध जताया है। संस्था के पदाधिकारियों ने राजनीतिक दलों को आड़े हाथ लेते हुए बिल पर अपनी स्थिति साफ करने को कहा है। उन्होंने आरोप लगाए कि बिल को लेकर लोगों को गुमराह किया गया, जबकि असलियत में ऐसा कुछ नहीं था।
यहां मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए संस्था के प्रधान पं. आरके भट्ट ने कहा कि पिछले दस साल से बिल को लटकाया जा रहा है और एक बार फिर बिल सियासत की भेंट चढ़ गया। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी ने बिल के प्रति विरोधी रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बिल पर अपनी नीति साफ करनी चाहिए। कई पार्टियां खुद को धर्मनिरपेक्ष और समाज की भलाई के लिए काम करने का दावा करती हैं लेकिन बिल पर कई की नीतियां उजागर हुई हैं। उन्होंने कश्मीरी पंडित समुदाय से आह्वान करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिरादरी के खिलाफ काम करने वालों को समर्थन न दिया जाए। उन्होंने मांग की कि घाटी में धार्मिक स्थलों को व्यक्तिगत और ट्रस्टों के अधीन बेचने वाले मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए। इस अवसर पर सुनील कौल, मनोज हांडू, सुनील धर, संजय गंजू, दीपक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
यहां मंगलवार को पत्रकारों से रूबरू होते हुए संस्था के प्रधान पं. आरके भट्ट ने कहा कि पिछले दस साल से बिल को लटकाया जा रहा है और एक बार फिर बिल सियासत की भेंट चढ़ गया। उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी ने बिल के प्रति विरोधी रवैया अपनाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बिल पर अपनी नीति साफ करनी चाहिए। कई पार्टियां खुद को धर्मनिरपेक्ष और समाज की भलाई के लिए काम करने का दावा करती हैं लेकिन बिल पर कई की नीतियां उजागर हुई हैं। उन्होंने कश्मीरी पंडित समुदाय से आह्वान करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बिरादरी के खिलाफ काम करने वालों को समर्थन न दिया जाए। उन्होंने मांग की कि घाटी में धार्मिक स्थलों को व्यक्तिगत और ट्रस्टों के अधीन बेचने वाले मामले की सीबीआई जांच करवाई जाए। इस अवसर पर सुनील कौल, मनोज हांडू, सुनील धर, संजय गंजू, दीपक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन