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नाकामियों को छिपाने के लिए आतंकवाद को ढाल बना रहे उमर
Jammu
Updated Tue, 17 Dec 2013 05:46 AM IST
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जम्मू। रियासत की मुख्य विपक्षी पार्टी पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने रियासत के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर आरोप लगाया है कि वह सरकार की हर क्षेत्र में नाकामियों को छिपाने के लिए आतंकवाद को ढाल बना रहे है।
उत्तरी कश्मीर के सोपोर के डांगरपोरा में सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस की ओर से 1987 के चुनाव में की गई धांधलियों की वजह से कश्मीर में युवा वर्ग ने बंदूक थामी। उन्होंने कहा कि हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुख्य कमांडर सईद सलाह उ दीन भी उस समय विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे और धांधली की वजह से ही उन्होंने बंदूक थामी। अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला यह कह रहे है कि आतंकवाद की वजह से पिछले दो दशकों में रियासत जम्मू कश्मीर देश की अन्य रियासतों के मुकाबले पीछे रह गई है उनकी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को आतंकवाद के मुकाबले में भ्रष्टाचार और कुप्रशासन को नाकामी के लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कार्यकाल समाप्ति की ओर है लेकिन वह न तो रियासत में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाएं है और न ही बिजली संकट से रियासत के लोगों को राहत दे पाए है। भाई भतीजावाद, पिछले दरबाजे से नियुक्तियां और कु प्रशासन सारी सीमाएं लांघ चुका है।
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उत्तरी कश्मीर के सोपोर के डांगरपोरा में सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस की ओर से 1987 के चुनाव में की गई धांधलियों की वजह से कश्मीर में युवा वर्ग ने बंदूक थामी। उन्होंने कहा कि हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुख्य कमांडर सईद सलाह उ दीन भी उस समय विधानसभा का चुनाव लड़ रहे थे और धांधली की वजह से ही उन्होंने बंदूक थामी। अब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला यह कह रहे है कि आतंकवाद की वजह से पिछले दो दशकों में रियासत जम्मू कश्मीर देश की अन्य रियासतों के मुकाबले पीछे रह गई है उनकी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को आतंकवाद के मुकाबले में भ्रष्टाचार और कुप्रशासन को नाकामी के लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का कार्यकाल समाप्ति की ओर है लेकिन वह न तो रियासत में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा पाएं है और न ही बिजली संकट से रियासत के लोगों को राहत दे पाए है। भाई भतीजावाद, पिछले दरबाजे से नियुक्तियां और कु प्रशासन सारी सीमाएं लांघ चुका है।
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