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अनुच्छेद 370 का हटना जरूरी
Jammu
Updated Sun, 08 Dec 2013 05:46 AM IST
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जम्मू। कश्मीरी पंडित विस्थापितों के संगठन पनुन कश्मीर ने रियासत से अनुच्छेद 370 को हटाने को लेकर बहस को जरूरी बताते हुए कहा कि देश की संसद सर्वोच्च है और इसके बारे में आखिरी फैसला उसे ही लेना होगा।
पनुन कश्मीर की ओर से जम्मू में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा विधायक अशोक खजूरिया मुख्य अतिथि और महासचिव अशोक कौल सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के प्रधान अश्विनी कुमार चुरंगू ने की। चुरंगू ने कहा कि अनुच्छेद 370 की वजह से रियासत के भीतर ही रियासत का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि जम्मू, कश्मीरी पंडित, लद्दाख के लोगों के अलावा अन्य अल्पसंख्यक अनुच्छेद 370 का विरोध करते आए हैं। ऐसे में अनुच्छेद के जारी रहने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधान जिसका सृजन करता है, संशोधन के माध्यम से उसे खत्म या हटाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की संसद सर्वोच्च है और उसे ही इस संबंध में आखिरी फैसला लेना है। भाजपा विधायक अशोक खजूरिया ने इस अवसर पर रियासत में अलगाववादी तत्वों की गतिविधियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम पर मुबारकबाद देते हुए कहा कि भाजपा कश्मीरी पंडित और राज्य में अन्य अल्पसंख्यकों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को चुनौती दी है कि वह अनुच्छेद 370 पर चर्चा को गंभीरता से लें और इसके लिए भाजपाश्रीनगर जाने की भी तैयारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव देश के इतिहास को तय करेंगे। इस अवसर पर पनुन कश्मीर की ओर से भाजपा के नेताओं का सम्मान भी किया गया।
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पनुन कश्मीर की ओर से जम्मू में शनिवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा विधायक अशोक खजूरिया मुख्य अतिथि और महासचिव अशोक कौल सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के प्रधान अश्विनी कुमार चुरंगू ने की। चुरंगू ने कहा कि अनुच्छेद 370 की वजह से रियासत के भीतर ही रियासत का सृजन हुआ है। उन्होंने कहा कि जम्मू, कश्मीरी पंडित, लद्दाख के लोगों के अलावा अन्य अल्पसंख्यक अनुच्छेद 370 का विरोध करते आए हैं। ऐसे में अनुच्छेद के जारी रहने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि संविधान जिसका सृजन करता है, संशोधन के माध्यम से उसे खत्म या हटाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश की संसद सर्वोच्च है और उसे ही इस संबंध में आखिरी फैसला लेना है। भाजपा विधायक अशोक खजूरिया ने इस अवसर पर रियासत में अलगाववादी तत्वों की गतिविधियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे कार्यक्रम पर मुबारकबाद देते हुए कहा कि भाजपा कश्मीरी पंडित और राज्य में अन्य अल्पसंख्यकों के कल्याण के प्रति वचनबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को चुनौती दी है कि वह अनुच्छेद 370 पर चर्चा को गंभीरता से लें और इसके लिए भाजपाश्रीनगर जाने की भी तैयारी कर चुकी है। उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव देश के इतिहास को तय करेंगे। इस अवसर पर पनुन कश्मीर की ओर से भाजपा के नेताओं का सम्मान भी किया गया।
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