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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और नेकां का समझौता लगभग तय
Jammu
Updated Sun, 24 Nov 2013 05:43 AM IST
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जम्मू। रियासत में लोकसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की स्थिति अब साफ होने लगी है। हालांकि, कांग्रेस ने सार्वजनिक तौर पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन नेशनल कांफ्रेंस ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की मंशा जता दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस के साथ गठबंधन बनाए रखने के संकेत दिए हैं। अभी दोनों दल रियासत सरकार में साझेदार हैं। लोकसभा चुनाव के नतीजों का असर विधानसभा चुनाव पर पड़ने की संभावना है इसलिए सियासी दल तैयारियों में पूरी ताकत झोंकने लगे हैं। कांग्रेस से इस बार उधमपुर सीट से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को चुनाव लड़ाने की तैयारी चल रही है।
नेकां और कांग्रेस के रिश्ते में कई बार दरार दिखी है, लेकिन लोकसभा चुनाव में दोनों दलों की दोस्ती कायम रह सकती है। नेकां सूत्रों की मानें तो कांग्रेस जम्मू संभाग की दो सीटों के अलावा लद्दाख सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी। वैसे कांग्रेस कश्मीर घाटी में भी कम से कम एक सीट चाहती है। लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का असर जम्मू क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है लिहाजा कांग्रेस अपने दिग्गजों पर दांव आजमाना चाहती है।
नेकां दक्षिण कश्मीर से महबूब बेग और सेंट्रल कश्मीर से फारुख अब्दुल्ला को फिर आजमा सकती है। वैसे वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर और अली मोहम्मद सागर के नामों पर भी मंथन होने लगा है। उत्तरी कश्मीर से नेकां राज्यसभा सदस्य मोहम्मद सफी को उतार सकती है। इस सीट पीडीपी की ओर से मुजफ्फर हसन बेग के लड़ने की चर्चा है। अगर बेग नहीं लड़ते हैं तो नेकां अपने सीटिंग सांसद शरीफ उद्दीन को फिर से उतार सकती है।
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उत्तरी कश्मीर सीट से डा. मुस्तफा कमाल और जीएन शाहीन के नाम भी चल रहे हैं। पीडीपी सूत्रों का कहना है कि बेग लोकसभा चुनाव के बजाए बारामूला सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। अगर ऐसा हुआ तो नार्थ कश्मीर से विधान परिषद सदस्य और मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर को लड़ाया जा सकता है। विधायक निजामुद्दीन बट्ट का नाम भी चर्चा में है। पीडीपी ने मुफ्ती महबूबा को अनंतनाग सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। तारिक हमीद कर्रा सेंट्रल कश्मीर से उम्मीदवार बनाए गए हैं। पीडीपी ने इससे पहले जम्मू संभाग की दो सीटों से यशपाल शर्मा और अरशद मलिक को प्रत्याशी घोषित किया था।
नेकां और पीडीपी भी एक-एक सीट को महत्वपूर्ण मानते हुए अपने दिग्गजों को उतारने के मूड में है। पिछले चुनाव में पीडीपी ने नेकां के डा. फारुक अब्दुल्ला के मुकाबले के लिए मौलवी इफ्तिखार हुसैन अंसारी को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा इस बार जम्मू संभाग में ज्यादा उत्साहित दिखती है। एक दिसम्बर को जम्मू में नरेन्द्र मोदी की रैली आयोजित की गई है। भाजपा को लगता है कि इस रैली से उसे फायदा हो सकता है। पार्टी जम्मू संभागों की दोनों सीटों के अलावा लद्दाख सीट पर भी ज्यादा जोर लगाएगी।
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नेकां और कांग्रेस के रिश्ते में कई बार दरार दिखी है, लेकिन लोकसभा चुनाव में दोनों दलों की दोस्ती कायम रह सकती है। नेकां सूत्रों की मानें तो कांग्रेस जम्मू संभाग की दो सीटों के अलावा लद्दाख सीट पर उम्मीदवार खड़ा करेगी। वैसे कांग्रेस कश्मीर घाटी में भी कम से कम एक सीट चाहती है। लोकसभा चुनाव में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का असर जम्मू क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है लिहाजा कांग्रेस अपने दिग्गजों पर दांव आजमाना चाहती है।
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नेकां दक्षिण कश्मीर से महबूब बेग और सेंट्रल कश्मीर से फारुख अब्दुल्ला को फिर आजमा सकती है। वैसे वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर और अली मोहम्मद सागर के नामों पर भी मंथन होने लगा है। उत्तरी कश्मीर से नेकां राज्यसभा सदस्य मोहम्मद सफी को उतार सकती है। इस सीट पीडीपी की ओर से मुजफ्फर हसन बेग के लड़ने की चर्चा है। अगर बेग नहीं लड़ते हैं तो नेकां अपने सीटिंग सांसद शरीफ उद्दीन को फिर से उतार सकती है।
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उत्तरी कश्मीर सीट से डा. मुस्तफा कमाल और जीएन शाहीन के नाम भी चल रहे हैं। पीडीपी सूत्रों का कहना है कि बेग लोकसभा चुनाव के बजाए बारामूला सीट से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। अगर ऐसा हुआ तो नार्थ कश्मीर से विधान परिषद सदस्य और मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर को लड़ाया जा सकता है। विधायक निजामुद्दीन बट्ट का नाम भी चर्चा में है। पीडीपी ने मुफ्ती महबूबा को अनंतनाग सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है। तारिक हमीद कर्रा सेंट्रल कश्मीर से उम्मीदवार बनाए गए हैं। पीडीपी ने इससे पहले जम्मू संभाग की दो सीटों से यशपाल शर्मा और अरशद मलिक को प्रत्याशी घोषित किया था।
नेकां और पीडीपी भी एक-एक सीट को महत्वपूर्ण मानते हुए अपने दिग्गजों को उतारने के मूड में है। पिछले चुनाव में पीडीपी ने नेकां के डा. फारुक अब्दुल्ला के मुकाबले के लिए मौलवी इफ्तिखार हुसैन अंसारी को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा इस बार जम्मू संभाग में ज्यादा उत्साहित दिखती है। एक दिसम्बर को जम्मू में नरेन्द्र मोदी की रैली आयोजित की गई है। भाजपा को लगता है कि इस रैली से उसे फायदा हो सकता है। पार्टी जम्मू संभागों की दोनों सीटों के अलावा लद्दाख सीट पर भी ज्यादा जोर लगाएगी।