{"_id":"27-39162","slug":"Jammu-39162-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम के बाण ने मारीच को फेंका सौ योजन दूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम के बाण ने मारीच को फेंका सौ योजन दूर
Jammu
Updated Wed, 09 Oct 2013 05:40 AM IST
विज्ञापन
जम्मू। शहर में रामलीलाओं का मंचन अपने चरम पर है। मंगलवार को बिल्लू मंदिर में रावण-वेदवती, ताड़का वध और फुलवारी के दृश्यों को, जबकि दीवान मंदिर में पंचवटी सीता, रावण-मारीच संवाद, सीता खोज और राम-हनुमान मिलाप को दिखाया गया। रामलीला को देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे। बिल्लू मंदिर में सरस्वती पूजा के बाद सबसे पहले वेदवती रावण का दृश्य दिखाया गया। इसमें रावण-वेदवती के सौंदर्य पर मोहित होकर उससे शादी करना चाहता है लेकिन वेदवती के मना करने के बाद रावण ताकत का इस्तेमाल करना चाहता है तो वेदवती आग में सती होते हुए श्राप देती है कि रावण के अंत का कारण स्त्री ही होगी। उसके बाद ऋषि विश्वामित्र के साथ वन में गए राम और लक्ष्मण ताड़का वध किया जाता है। इसके बाद विश्वामित्र जब यज्ञ करने लगते हैं तो और उसका बेटा सुबाहू मारीच और अन्य राक्षसों के साथ यज्ञ भ्रष्ट करने आता है लेकिन मारीच को छोड़ कर सभी राक्षसों को मार देते हैं। मारीच को भगवान श्री राम बिना नोक वाला बाण मार कर सौ योजन दूर गिरा देते हैं। बिल्लू मंदिर में सबसे पहले फुलवारी के दृश्य का मंचन किया गया।
वहीं, दीवान मंदिर में पंचवटी के बाद रावण मारीच संवाद को दिखाया जाता है। इसमें मारीच रावण को समझाता है कि जिस राम से बैर लेने की बात सोच रहे हैं, वह नर नहीं नारायण हैं। सीता हरण के बाद सीता खोज के बाद सुग्रीव बाली युद्ध और बाली वध को दिखाया जाता है।
विज्ञापन
वहीं, दीवान मंदिर में पंचवटी के बाद रावण मारीच संवाद को दिखाया जाता है। इसमें मारीच रावण को समझाता है कि जिस राम से बैर लेने की बात सोच रहे हैं, वह नर नहीं नारायण हैं। सीता हरण के बाद सीता खोज के बाद सुग्रीव बाली युद्ध और बाली वध को दिखाया जाता है।
विज्ञापन