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कार का नंबर सुनते ही होश खो बैठे पिता

Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
Jammu
Jammu Updated Wed, 21 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। पूजा-पाठ करवाने वाले पंडित बाबूराम को अपने बेटे शुभम की मौत का पता भी बड़े नाटकीय ढंग से चला। हुआ यह कि रात को घर से निकला शुभम जब सुबह तक वापस नहीं आया तो वे अपने एक मित्र के साथ उसकी तलाश में निकले। इसी क्रम में जब वे जीएमसी अस्पताल में पूछताछ कर रहे थे तो उन्होंने एक व्यक्ति को किसी हादसे के संबंध में कार का नंबर पूछते सुना। उस व्यक्ति की बात समाप्त हुई तो बाबू राम ने पूछा कि आप किस हादसे के संबंध में पूछताछ कर रहे थे और कार का क्या नंबर पता चला। कार का नंबर सुनते ही वे होश खो बैठे। क्योंकि यह नंबर उन्ही की कार का था। किसी तरह उनके मित्र ने उन्हें संभाला। इसके बाद वे दोनों जीएमसी शवगृह पहुंचे। वहां उन्होेंने शुभम की पहचान की।
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बाबूराम ने बताया कि वह नहीं जानते कि उनका बेटा किन दोस्तों के साथ गया था। तड़के चार बजे तक शुभम के न लौटने पर उसके पिता ने अपनी पत्नी से बेटे के संबंध में पूछा। इस पर पत्नी ने कहा कि मंगलवार के दिन अकसर वह तड़के बावे माता के दर्शन को जाता है। हो सकता है वह वहां गया होगा। सुबह भी जब बेटा नहीं लौटा तो उन्होंने उसके मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वह बंद मिला। इसके बाद वे अपने दोस्त के साथ बेटे की खोज करते हुए जीएमसी पहुंच गए। उन्हें आशंका थी कि वह किसी हादसे का शिकार न हो गया हो।
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बहन को परीक्षा के बाद बताया
शुभम की दो बड़ी बहनें हैं। इनमें से एक का विवाह हो चुका है। दूसरी पठनाकोट स्थित साई इंस्टीट्यूट में बी टेक की छात्रा है। बताया जाता है कि जब उसके पिता जीएमसी मार्चरी में शुभम के शव की पहचान कर रहे थे, उस वक्त शुभम की बहन अपने कालेज में परीक्षा दे रही थी। बहन को परीक्षा समाप्त होने के बाद बताया गया।
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पुलिस में हो चुका था चयन
पिछले साल शुभम 12वीं की परीक्षा में एक सब्जेक्ट में फेल हो गया था। इस साल वह प्राइवेट परीक्षा देने की तैयारी कर रहा था। लेकिन इससे पहले ही उसका एक बार पुलिस के लिए चयन हुआ, लेकिन पिता के कहने पर उसने ज्वाइन नहीं किया। शुभम के पिता के अनुसार वे चाहते थे कि एक ही बेटा है। साथ रहेगा और हमारे परंपरागत पेशे को अपनाएगा तो बेहतर होगा।
पापा से पूछा था, अब तो खुश हो
शुभम को लंबे बाल रखने का शौक था। इसके लिए पिता उसे अकसर डांटते थे कि इतने लंबे बाल क्यों रखे हैं। सोमवार को उसने पिता से रुपये लिए और नाई के पास जाकर आर्मी स्टाइल बाल कटवा लिए। बाबूराम के अनुसार वह उसके पास आया और अपने छोटे बाल दिखाकर कहने लगा कि पापा अब मेरे बाल ठीक हैं। अब तो आप खुश हो।

सुरागों की पड़ताल जारी
डीएसपी एसएस संब्याल ने बताया कि हादसे में मारे गए शुभम के अलावा अन्य दो युवकों के बारे में भी पुलिस को सुराग मिला है, लेकिन पुलिस उसकी गहराई से जांच कर रही है। चूंकि शव बुरी तरह जल गए हैं, इसलिए पूरी तहकीकात के बाद ही खुलासा किया जाएगा। डीएसपी ने लोगों से अपील की कि अपने बच्चों को कोई भी वाहन देने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वह उसे हैंडल करने में पूरी तरह सक्षम है या नहीं। यदि अभिभावकोें को जरा भी संदेह हो तो बच्चों को वाहन चलाने की इजाजत न दें। संबयाल के मुताबिक ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अवाम और खासकर बच्चों के अभिभावकों का सहयोग पुलिस के लिए काफी जरूरी है।
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