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रियासत की जेलों में कैदियों की संख्या घटी

Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
Jammu
Jammu Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू (ब्यूरो)। जम्मू कश्मीर की 14 जेलों में जहां हमेशा क्षमता से अधिक कैदी होने की रिपोर्ट हमेशा बताई जाती है। वहीं, अब इन जेलों में इन दिनों क्षमता से कम कैदी हैं। किश्तवाड़ में नई जेल और कोट भलवाल जेल से 50 बांग्लादेशियों को वापस उनके देश में पहुंचाने के कारण जेलों में कैदियों की संख्या कम हो गई है। इसके अलावा नए कैदियों के पहुंचने की संख्या में कमी और पुराने कैदियों द्वारा सजा पूरी होने के बाद रिहा होना भी एक कारण माना जा रहा है। जेल विभाग के महानिदेशक नवीन अग्रवाल के अनुसार किश्तवाड़ में नई जेल बनने से करीब सौ कैदियों को इसमें शिफ्ट किया गया है और जेल की संख्या बढ़ने के साथ कैदियों की संख्या कम हो गई।
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राज्य में पर्याप्त जेल हैं। आंकड़ों के अनुसार जम्मू कश्मीर की 14 जेलों में तीन हजार के करीब कैदी रखने की क्षमता है। मौजूदा समय में इन जेलों में 2650 कैदी ही मौजूद हैं। जेल विभाग के आंकड़ों के अनुसार कैदियों में 27 कैदी महिलाएं हैं। जो अधिकतर कोट भलवाल जेल में ही बंद हैं। कोट भलवाल जेल की सबसे अधिक क्षमता है। क्षमता से अधिक कैदी होने के कारण 2004 में इस जेल मेें बवाल भी हुआ था। इसके बाद से इस जेल में क्षमता के मुताबिक ही कैदी रखे गए हैं। आंकड़ों के अनुसार कोट भलवाल सेंट्रल जेल में इस समय 490 कैदी हैं। जिसका मुख्य कारण दो महीने पहले 50 बांग्लादेशियों को वापस भेजना है। जेल महानिदेशक नवीन अग्रवाल के अनुसार जेल को सुधार गृह बनाया गया है। कैदियोें को सुधारकर उन्हें कई तकनीकी काम भी सिखाए जाते हैं। सुधार की कोशिशों के कारण कई कैदियों के आचरण में भी काफी फर्क आया है और समय से पहले भी कई कैदी कोर्ट के आदेश से छोड़े जाते हैं।
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