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कलाकारों ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा
Jammu
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। रेडक्रास भवन, कच्ची छावनी में वीरवार को इंडियन काउंसिल फार कल्चरल रिलेशन खारकां का आयोजन किया गया। इसमें लोक गायक गुलाम मोहम्मद ने श्री माता वैष्णो देवी की भक्ति से साथ डुग्गर शान जम्मू को अपनी मधुर आवाज में बयां किया। इसके अलावा ऐतिहासिक बाबा जित्तो की अमर कहानी को भी गीतों में सुनाया गया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
इससे पूर्व 4 आईसीसीआर के रीजनल निदेशक बलवंत ठाकुर ने लोक गायकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने गुलाम मोहम्मद की आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके परिवार ने रियासत को कई गायक दिए हैं। गुलाम मोहम्मद ने श्री माता वैष्णो देवी की स्तुति करते हुए ज्योतां जगदियां, गीत गाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बनाया। उन्होंने दिखाया कि मां वैष्णो देवी विकट परिस्थितियों में भी अपने भक्तों की लाज रखती रही है। इसके अलावा जम्मू ईक डोगरेयां दा शैर जी, गीत में मंदिरों के शहर की सुंदरता और भाईचारे को बयां किया गया। गुलाम मो. के हर एक गीत के साथ रियासत की संस्कृति, सुंदरता और परंपरा को दिखाया गया। इसके अलावा बाबा जित्तो की अमर कहानी को भी मधुर आवाज में सुनाया गया कि किस तरह उन्होंने अपने हितों के लिए संघर्ष किया और समाज को नया संदेश दिया। उन्होंने जमींदारी प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद की और उन्हीं के सिद्धांतों को अपनाकर लोगों ने संघर्ष को आगे बढ़ाया। मंच पर उनके साथ इकरार मोहम्मद, शमशेर मोहम्मद और बलविंदर कुमार ने भी आवाज का जादू चलाया। उन्होंने सुर के साथ सुर मिलाकर हर गीत के साथ महफिल में जान डालने में सहयोग दिया। समारोह में आईसीसीआर एडवाइजरी कमेटी, जम्मू के सदस्य प्रद्युमन सिंह, लोक गायक रुमालो राम, रवि शर्मा, धर्मेश नरगोत्रा, नीरज कांत आदि मौजूद रहे।
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इससे पूर्व 4 आईसीसीआर के रीजनल निदेशक बलवंत ठाकुर ने लोक गायकी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने गुलाम मोहम्मद की आवाज की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके परिवार ने रियासत को कई गायक दिए हैं। गुलाम मोहम्मद ने श्री माता वैष्णो देवी की स्तुति करते हुए ज्योतां जगदियां, गीत गाकर पूरे माहौल को भक्तिमय बनाया। उन्होंने दिखाया कि मां वैष्णो देवी विकट परिस्थितियों में भी अपने भक्तों की लाज रखती रही है। इसके अलावा जम्मू ईक डोगरेयां दा शैर जी, गीत में मंदिरों के शहर की सुंदरता और भाईचारे को बयां किया गया। गुलाम मो. के हर एक गीत के साथ रियासत की संस्कृति, सुंदरता और परंपरा को दिखाया गया। इसके अलावा बाबा जित्तो की अमर कहानी को भी मधुर आवाज में सुनाया गया कि किस तरह उन्होंने अपने हितों के लिए संघर्ष किया और समाज को नया संदेश दिया। उन्होंने जमींदारी प्रथा के खिलाफ आवाज बुलंद की और उन्हीं के सिद्धांतों को अपनाकर लोगों ने संघर्ष को आगे बढ़ाया। मंच पर उनके साथ इकरार मोहम्मद, शमशेर मोहम्मद और बलविंदर कुमार ने भी आवाज का जादू चलाया। उन्होंने सुर के साथ सुर मिलाकर हर गीत के साथ महफिल में जान डालने में सहयोग दिया। समारोह में आईसीसीआर एडवाइजरी कमेटी, जम्मू के सदस्य प्रद्युमन सिंह, लोक गायक रुमालो राम, रवि शर्मा, धर्मेश नरगोत्रा, नीरज कांत आदि मौजूद रहे।
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