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एनएसएफ ने यूनिवर्सिटी में किया प्रदर्शन
Jammu
Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। नेशनल सेकुलर फोरम के कार्यकर्ताओं ने अपने आंदोलन को जारी रखते हुए बुधवार को विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जांच कमेटी की सिफारिशों में सभी दोषी शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा विवि ढांचे का दुरुपयोग करने वाले सभी अधिकारियों के खिलाफ नई जांच कमेटी गठित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने राज्यपाल एनएन वोहरा मामले को गंभीरता से लेते हुए हस्तक्षेप करने की मांग की।
फोरम के उपप्रधान सुखदेव सिंह ने कहा कि जांच कमेटी पर अमल करने के नाम पर कार्रवाई में पिक एंड चूज की नीति अपनाई जा रही है। इसमें अपने चहेतों को बचाने के पूरे प्रयास किए गए हैं। कुछ एक अधिकारियों पर ही कार्रवाई की जा रही है। वक्ताओं ने नियुक्तियों के मामलों को भी उठाया। फोरम प्रधान विकास शर्मा का कहना था कि एक मामले में तो विवि में सेंटर की स्थापना बाद में की गई, जबकि उक्त सेंटर के लिए निदेशक पद के लिए साक्षात्कार और नियुक्ति सेंटर के गठन के पहले कर दी गई। इसके अलावा कई ऐसे मामले ऐसे हैं, जिनमें प्रोमोशनों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से तय मापदंडों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। ऐसे सभी मुद्दों से सिविल सोसाइटी को गुमराह किया गया है। उन्होंने आरोप लगाए कि विवि ढांचे को निजी व्यवस्था के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर अभी विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो तहसील स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इसकी जिम्मेदारी विवि प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में शफकत मलिक, आबिद हुसैन, विक्रम मध्याल, सिमरन सिंह, बरकत अली, बाबर भट्टी, ऋषिकेश राणा, पुष्पिंदर सिंह, नवजोत सिंह, विमल सिंह, वसीम आयरन आदि शामिल रहे।
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फोरम के उपप्रधान सुखदेव सिंह ने कहा कि जांच कमेटी पर अमल करने के नाम पर कार्रवाई में पिक एंड चूज की नीति अपनाई जा रही है। इसमें अपने चहेतों को बचाने के पूरे प्रयास किए गए हैं। कुछ एक अधिकारियों पर ही कार्रवाई की जा रही है। वक्ताओं ने नियुक्तियों के मामलों को भी उठाया। फोरम प्रधान विकास शर्मा का कहना था कि एक मामले में तो विवि में सेंटर की स्थापना बाद में की गई, जबकि उक्त सेंटर के लिए निदेशक पद के लिए साक्षात्कार और नियुक्ति सेंटर के गठन के पहले कर दी गई। इसके अलावा कई ऐसे मामले ऐसे हैं, जिनमें प्रोमोशनों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से तय मापदंडों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। ऐसे सभी मुद्दों से सिविल सोसाइटी को गुमराह किया गया है। उन्होंने आरोप लगाए कि विवि ढांचे को निजी व्यवस्था के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन मुद्दों पर अभी विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किए जा रहे हैं, लेकिन इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया तो तहसील स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इसकी जिम्मेदारी विवि प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में शफकत मलिक, आबिद हुसैन, विक्रम मध्याल, सिमरन सिंह, बरकत अली, बाबर भट्टी, ऋषिकेश राणा, पुष्पिंदर सिंह, नवजोत सिंह, विमल सिंह, वसीम आयरन आदि शामिल रहे।
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