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पटाखों के प्रदूषण को रोकने के इंतजाम नहीं
Jammu
Updated Sun, 11 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) खुद को लोगों की नजरों में सक्रिय बताने के लिए पटाखों का सर्वे करवाने जा रहा है, लेकिन पटाखा तैयार करने वाले तथा अभी तक स्टोर में जमा रखे पटाखों की जांच करने को बोर्ड खुद ही राजी नहीं है। सीधे-सीधे कहें तो बोर्ड मात्र खानापूर्ति के लिए ही जांच करने की सोच रहा है। स्टोर में जमा पटाखों की जांच में आनाकानी करने वाला बोर्ड मात्र दीवाली से एक दिन पहले लगने वाले पटाखों के स्टाल में जाकर जांच करने की बात कह रहा है।
जिला प्रशासन की तरफ से रिटेलरों को पटाखों की अनुमति दे दी गई है, इससे जाहिर है कि दीवाली से एक दिन पहले लोग पटाखे लगाएं। तब इस पर सर्वे करने के बाद गलत पटाखे निकलने पर बोर्ड एक्शन करेगा, लेकिन साफ जाहिर है कि दीवाली पर पटाखे बचने वाले ही नहीं हैं, फिर सर्वे किसके लिए और क्यों करवाया जा रहा है। हालांकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जम्मू संभाग के सभी उपायुक्त को पटाखों का स्तर जानने के लिए लिख चुका है तथा उन्हें 125 डेसिबल से ज्यादा पटाखों का स्तर होने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने को कहा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक प्रदूषण बोर्ड ने मार्केट में सर्वे कराने का फैसला किया है। डा. यशपाल के नेतृत्व में गठित टीमें पटाखों के स्तर को जांचेंगी।
बोर्ड खुद ही असमंजस में है कि वह सर्वे कब करवाएगा। बोर्ड के उच्चाधिकारी अभी से यह मानकर चल रहे हैं कि जिन जगह पर वे सर्वे करने जाएंगे, क्या वे लोग उनके सामने सही पटाखे रखेंगे या नहीं। उधर, बोर्ड के चेयरमैन लाल चंद ने लोगों से अपील की है कि मार्केट से ब्रांडेड पटाखे ही खरीदे।
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जिला प्रशासन की तरफ से रिटेलरों को पटाखों की अनुमति दे दी गई है, इससे जाहिर है कि दीवाली से एक दिन पहले लोग पटाखे लगाएं। तब इस पर सर्वे करने के बाद गलत पटाखे निकलने पर बोर्ड एक्शन करेगा, लेकिन साफ जाहिर है कि दीवाली पर पटाखे बचने वाले ही नहीं हैं, फिर सर्वे किसके लिए और क्यों करवाया जा रहा है। हालांकि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जम्मू संभाग के सभी उपायुक्त को पटाखों का स्तर जानने के लिए लिख चुका है तथा उन्हें 125 डेसिबल से ज्यादा पटाखों का स्तर होने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई करने को कहा जा रहा है।
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जानकारी के मुताबिक प्रदूषण बोर्ड ने मार्केट में सर्वे कराने का फैसला किया है। डा. यशपाल के नेतृत्व में गठित टीमें पटाखों के स्तर को जांचेंगी।
बोर्ड खुद ही असमंजस में है कि वह सर्वे कब करवाएगा। बोर्ड के उच्चाधिकारी अभी से यह मानकर चल रहे हैं कि जिन जगह पर वे सर्वे करने जाएंगे, क्या वे लोग उनके सामने सही पटाखे रखेंगे या नहीं। उधर, बोर्ड के चेयरमैन लाल चंद ने लोगों से अपील की है कि मार्केट से ब्रांडेड पटाखे ही खरीदे।
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