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फाइनेेंस कंपनी के दो एजेंटाें को अग्रिम जमानत नहीं
Jammu
Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। शीन एग्रो आफ प्लांटेशन लिमिटेड से दो एजेंट कुलदीप सिंह और शाम लाल की प्री अरेस्ट बेल को मंजूर करने से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जम्मू ने इंकार कर दिया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जंग बहादुर सिंह ने दोनों की प्री अरेस्ट बेल के आवेदन पर गौर किया। पब्लिक प्रोसीक्यूटर और एडवोकेट नरेंद्र कुमार की दलीलों के बाद न्यायालय ने पाया कि अभी तक पुलिस की जांच जारी है। पुलिस पता कर रही है कि रुपये कहां गए। निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी फाइनेंस कंपनी में जमा कराई। उनसे दावा किया गया कि पांच साल में उनकी राशि डबल हो जाएगी। अब निवेशकों की राशि को वापस देने से इंकार किया जा रहा है। अभी तक आरोपी फरार हैं। केस की जांच शुरुआती स्तर पर है। इसलिए ऐसे केसों में जमानत देकर अन्य अपराधियों को शह दी जाएगी। अदालत पूरी तरह से संतुष्ट है। अगर इनकी जमानत की अर्जी को मंजूर किया गया तो निवेशकों की राशि को बरामद करना काफी मुश्किल हो जाएगा। यह भी संभावना है कि आरोपी केस की जांच में सहयोग ही नहीं करें। इस केस में सजा के तौर पर उम्रकैद का प्रावधान है। इन सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद अर्जी को मंजूर नहीं किया जा सकता है और उसे रद कर दिया। पुलिस केस के अनुसार शिकायतकर्ताओें ने कोर्ट में आवेदन दिया और कोर्ट ने काना चक्क पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराने और जांच करने के आदेश दिए। इस रिपोर्ट मेें कहा गया कि आरोपी डा. बलदेव सिंह शीन एग्रो फाइनेंस कंपनी लिमिटेड का मालिक है। शाम लाल और कुलदीप सिंह उनके एजेंट हैं। याचिकाकर्ता फर्जी कंपनी चला रहे हैं और लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता अनपढ़ हैं और उनसे धोखाधड़ी करके रुपये ऐंठ लिए गए। उनसे दावा किया कि पांच साल में निवेशकों के रुपये दुगने हो जाएंगे। लोगों को पता नहीं था कि कंपनी फर्जी है। याचिकाकर्ताओं ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और फर्जी रसीदें भी दी। जब वे अपने रुपये वापस लेने गए तो उनकी रकम को वापस देने से इंकार कर दिया गया। इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई। कानाचक्क पुलिस ने भी 419, 420, 467, 468,/34 आरपीसी के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी। जेएनएफ
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प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जंग बहादुर सिंह ने दोनों की प्री अरेस्ट बेल के आवेदन पर गौर किया। पब्लिक प्रोसीक्यूटर और एडवोकेट नरेंद्र कुमार की दलीलों के बाद न्यायालय ने पाया कि अभी तक पुलिस की जांच जारी है। पुलिस पता कर रही है कि रुपये कहां गए। निवेशकों ने अपनी जमा पूंजी फाइनेंस कंपनी में जमा कराई। उनसे दावा किया गया कि पांच साल में उनकी राशि डबल हो जाएगी। अब निवेशकों की राशि को वापस देने से इंकार किया जा रहा है। अभी तक आरोपी फरार हैं। केस की जांच शुरुआती स्तर पर है। इसलिए ऐसे केसों में जमानत देकर अन्य अपराधियों को शह दी जाएगी। अदालत पूरी तरह से संतुष्ट है। अगर इनकी जमानत की अर्जी को मंजूर किया गया तो निवेशकों की राशि को बरामद करना काफी मुश्किल हो जाएगा। यह भी संभावना है कि आरोपी केस की जांच में सहयोग ही नहीं करें। इस केस में सजा के तौर पर उम्रकैद का प्रावधान है। इन सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद अर्जी को मंजूर नहीं किया जा सकता है और उसे रद कर दिया। पुलिस केस के अनुसार शिकायतकर्ताओें ने कोर्ट में आवेदन दिया और कोर्ट ने काना चक्क पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराने और जांच करने के आदेश दिए। इस रिपोर्ट मेें कहा गया कि आरोपी डा. बलदेव सिंह शीन एग्रो फाइनेंस कंपनी लिमिटेड का मालिक है। शाम लाल और कुलदीप सिंह उनके एजेंट हैं। याचिकाकर्ता फर्जी कंपनी चला रहे हैं और लोगों से धोखाधड़ी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता अनपढ़ हैं और उनसे धोखाधड़ी करके रुपये ऐंठ लिए गए। उनसे दावा किया कि पांच साल में निवेशकों के रुपये दुगने हो जाएंगे। लोगों को पता नहीं था कि कंपनी फर्जी है। याचिकाकर्ताओं ने फर्जी दस्तावेज तैयार कराए और फर्जी रसीदें भी दी। जब वे अपने रुपये वापस लेने गए तो उनकी रकम को वापस देने से इंकार कर दिया गया। इनके खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई। कानाचक्क पुलिस ने भी 419, 420, 467, 468,/34 आरपीसी के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी। जेएनएफ
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