Jharkhand: 31 दिसंबर 2019 से पहले बने अनाधिकृत आवास होंगे नियमित, सरकार तैयार कर रही योजना
झारखंड शहरी विकास व आवास विभाग के एक अधिकारी ने बताया, योजना को सरल और प्रभावी बनाने के लिए विभाग की ओर से सुझाव मांगे गए हैं।
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झारखंड में शहरी इलाकों में बने अनाधिकृत आवासों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए सरकार मसौदा योजना तैयार कर रही है। हालांकि, उन्हीं अनाधिकृत आवासों को नियमित किया जाएगा, जो 31 दिसंबर 2019 से पहले बने हैं।
झारखंड शहरी विकास व आवास विभाग के एक अधिकारी ने बताया, योजना को सरल और प्रभावी बनाने के लिए विभाग की ओर से सुझाव मांगे गए हैं। आधिकारिक बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरी क्षेत्रों में अनाधिकृत आवासीय भवन को नियमित करने के लिए 'योजना-2022' को अपनी मंजूरी दे दी है।
इससे पहले, सरकार ने एक निश्चित शुल्क वसूल कर अनाधिकृत निर्माणों को नियमित करने के लिए योजना की शुरुआत की थी। हालांकि, नागरिकों को यह योजना कम पसंद आई। याेजना के तहत आठ फरवरी से आठ अगस्त, 2012 तक छह महीने की अवधि में रांची नगर निगम को केवल 893 आवेदन प्राप्त हुए थे।
सात लाख के करीब हो सकती है अनाधिकृत आवासों की संख्या
अधिकारियों के मुताबिक, राज्य में अनाधिकृत आवासों क संख्या करीब सात लाख होने की संभावना है। अधिकारियों ने बताया, एक सर्वे के मुताबिक, राजधानी रांची में 1.96 घरों में से केवल 40,000 घरों को अधिकृत किया गया है।