{"_id":"597090fa4f1c1bf7578b4646","slug":"samsung-heir-to-pay-7-64-million-dollar-for-divorce-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैमसंग की उत्तराधिकारी ली को पति को देना होगा 7.64 मिलियन डॉलर का मुआवजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सैमसंग की उत्तराधिकारी ली को पति को देना होगा 7.64 मिलियन डॉलर का मुआवजा
amarujala.com, presented by: पूजा मेहरोत्रा
Updated Thu, 20 Jul 2017 04:54 PM IST
विज्ञापन
Lee Kun-hee
- फोटो : Reuters
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सियोल की फैमिली कोर्ट ने सैमसंग ग्रुप की उत्तराधिकारी और बड़ी बेटी ली बू-जिन को अपने पति से तलाक लेने के एवज में 8.6 अरब वॉन यानि 7.64 मिलियन डॉलर मुआवजा देने का आदेश दिया है। ली के पति लिम वू सैमसंग के पूर्व कर्मचारी भी रह चुके हैं।
ली फिलहाल होटल शिला की सीईओ भी हैं। ली और लिम वू ने 1999 में शादी की थी और तलाक की कार्यवाही 2015 में शुरू हुई। शादी के समय कोरियन मीडिया ने लिम को मिस्टर सिंड्रेला कहा था।
ली के वकीलों ने जहां कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है वहीं लिम के वकील अदालत के फैसले से निराश दिखे क्योंकि उन्होंने मुआवजे के रूप में 1.2 ट्रिलियन वॉन की मांग की थी ।
विज्ञापन
ली 46 वर्षीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सैमसंग समूह के मालिक ली कुन-हे की बड़ी बेटी हैं। दक्षिण कोरिया की मीडिया खबरों के मुताबिक ली और लिम की मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। दोनो को ही शादी के लिए पारिवारिक विरोध का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
ली फिलहाल होटल शिला की सीईओ भी हैं। ली और लिम वू ने 1999 में शादी की थी और तलाक की कार्यवाही 2015 में शुरू हुई। शादी के समय कोरियन मीडिया ने लिम को मिस्टर सिंड्रेला कहा था।
विज्ञापन
ली के वकीलों ने जहां कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है वहीं लिम के वकील अदालत के फैसले से निराश दिखे क्योंकि उन्होंने मुआवजे के रूप में 1.2 ट्रिलियन वॉन की मांग की थी ।
विज्ञापन
ली 46 वर्षीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी और सैमसंग समूह के मालिक ली कुन-हे की बड़ी बेटी हैं। दक्षिण कोरिया की मीडिया खबरों के मुताबिक ली और लिम की मुलाकात एक कार्यक्रम के दौरान हुई थी। दोनो को ही शादी के लिए पारिवारिक विरोध का सामना करना पड़ा था।