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जोमैटो में नौकरी जाने का खतरा, 13 फीसदी स्टाफ को निकाल सकती है कंपनी
Sat, 16 May 2020 11:27 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 16 May 2020 11:27 AM IST
सार
- जोमैटो ने 13 फीसदी कर्मचारियों को नई नौकरी ढूंढने को कहा
- लॉकडाउन की वजह से रेस्टोरेंट और कैफे को काफी नुकसान
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Zomato Delivery Boy
- फोटो : Twitter
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विस्तार
कोरोना वायरस महामारी का असल खतरा अब धीरे-धीरे सामने आने लगा है। लॉकडाउन की वजह से रेस्टोरेंट और ऑनलाइन फूड एग्रीगेटर को जो नुकसान हुआ है, उसका खामियाजा इन कंपनियों के कर्मचारियों को उठाना पड़ रहा है।
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गुरुग्राम आधारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जोमैटो ने कहा कि आने वाले समय में उसे अपने कर्मचारियों के लिए पर्याप्त काम न होने का अंदाजा लगा गया है। इसका परिणाम ये हुआ कि कंपनी ने अपने कुल चार हजार कर्मियों के 13 फीसदी लोगों को नई नौकरी ढूंढने के लिए बोल दिया है।
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अपने कर्मचारियों को लिखे गए एक मेल में कंपनी के सीईओ दिपांकर गोयल ने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से उनके व्यापार पर गहरा असर पड़ा है। एक बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट पहले ही हमेशा के लिए बंद हो गए हैं।
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दीपांकर गोयल ने कहा कि उन्हें इस बात की पूरी संभावना दिखती है कि अगले छह से 12 महीनों में 25 से 40 फीसद रेस्टोरेंट कम हो जाएंगे। आगे असल में क्या होगा, क्या अच्छा होगा, क्या बुरा होगा, ये किसी का भी अंदाजा हो सकता है।
उन्होंने आगे लिखा कि हमारी कंपनी के जितने भी कर्मचारियों के पास काम नहीं है उन्हें अगले छह महीने के लिए उनके वेतन का 50 फीसद मिलेगा। लेकिन हम चाहेंगे कि ये कर्मचारी जल्द से जल्द नई नौकरी ढूंढ लें।
देश की रेस्टोरेंट इंडस्ट्री का मानना है कि इंडस्ट्री में लगभग 73 लाख नौकरियों के जाने का खतरा मंडरा रहा है। इन नौकरियों में सप्लाई से लेकर मजदूर, स्किल्ड और नॉन स्किल्ड कर्मचारी, रियल एस्टेट से लेकर क्रेडिट तक, डिलिवरी कमीशन और रेंटल कॉन्ट्रैक्ट शामिल हैं।
लॉकडाउन की वजह से कई छोटे और बड़े रेस्टोरेंट्स ने खुद को स्थाई रूप से बंद कर दिया है। दीपांकर गोयल ने अपने मेल में लिखा कि इस समय में हमें नए सामान्य तरीकों को अपनाना होगा ताकि सब कुछ ठीक हो सके।
गोयल ने आगे लिखा कि भविष्य में हालात बुरे ना हो इसके लिए कुछ बचाकर रखना होगा ताकि खराब स्थिति आने पर उस राशि का इस्तेमाल कंपनी को बचाने में किया जा सके।