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जाकिर नाइक बोला- मैं जिहाद नहीं फैलाता, मुसलमान हूं इसलिए बनाया निशाना

Fri, 18 Aug 2017 09:24 AM IST
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा Updated Fri, 18 Aug 2017 09:24 AM IST
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zakir naik says to interpol, india targeted me for being muslim

विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने एनआईए पर आरोप लगाया है। नाइक का कहना है कि मुसलमान होने के कारण उनके साथ ऐसा किया जा रहा है। बता दें कि जाकिर नाइक आतंकवाद को बढ़ावा देने और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी हैं। 

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एनआईए ने इंटरपोल से जाकिर नाइक को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने को कहा था। गौरतलब है कि जाकिर नाइक एनआईए के नजर में जुलाई 2016 में ढ़ाका में हुए आतंकवादी हमले के बाद आया। जिसमें आतंकियों ने कहा था कि उन्होंने जाकिर नाइक के भाषण से प्रेरित होकर यह हमला किया है। 
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नाइक ने इंटरपोल को अपने जवाब में कहा कि भारतीय जांच एजेंसी उन्हें केवल इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि वह मुस्लिम है। उन्होंने दावा किया कि उनके भाषण जिहाद को बढ़ावा देने वाले नहीं हैं। उनके भाषण केवल शांति के लिए हैं। 
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पढ़ें: जाकिर नाइक का पासपोर्ट रद्द करने का आदेश

बांग्लादेश में कुछ आतंकियों ने नाइक के उपदेशों से प्रेरित होकर जिहाद का रास्ता अपनाने की बात कही थी। जिसके बाद नाइक 1 जुलाई 2016 को भारत से फरार हो गया था। एनआईए ने 11 मई को इंटरपोल और सीबीआई को पत्र लिखकर रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए कहा था।
 
बता दें कि खुफिया एजेंसियों के मुताबिक नाइक को संयुक्त अरब अमीरात या सऊदी अरब और मलेशिया या इंडोनेशिया के में छुपाया गया है।

क्या है रेड कॉर्नर नोटिस और क्यों आए सुर्खियों में?

zakir naik says to interpol, india targeted me for being muslim

रेड कॉर्नर नोटिस का मतलब है कि नाइक को एक अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा घोषित किया जाएगा और उसे दुनिया भर में किसी भी एजेंसी द्वारा गिरफ्तार किया जा सकता है। नाइक पर उनके उत्तेजक भाषण, आतंकवादियों को फंड देने और कई करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है।

सूत्रों के मुताबिक इंटरपोल के 10 महीने की लंबी जांच के बाद नाइक के खिलाफ संपर्क किया गया था, जिसके दौरान उनके खिलाफ सभी आरोप साबित हुए हैं और उनकी गैर सरकारी संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन और पीस टीवी को सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया है।

बता दें कि नाईक के खिलाफ पिछले साल गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

क्यों आए सुर्खियों में ?
जाकिर नाईक तब सुर्खियों में आए थे, जब खुलासा हुआ कि ढाका के चर्चित कैफे पर हमला करने वाले आतंकियों में दो उसके भाषणों से प्रेरित हुए थे। ढाका हमले के बाद एनआईए ने नाइक और उसके संगठन इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन के कुछ पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

गृह मंत्रालय पहले ही गैर कानूनी गतिविधयां (निरोधक) अधिनियम के तहत जाकिर नाईक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा चुकी है। उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी है।

बांग्लादेश के ढाका में आतंकवादी हमले में 20 लोगों को मौत हो गई थी। जिसके बाद नाईक गिरफ्तारी से बचने के लिए भारत छोड़कर चले गये थे। अब एनआईए ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के लिए इंटरपोल और सीबीआई को पत्र लिखा है।

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