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Andhra Pradesh: 'YSRCP को अगले पांच सालों तक नहीं मिलेगा विपक्ष का दर्जा', जगन मोहन पर जमकर भड़के पवन कल्याण
Mon, 24 Feb 2025 03:34 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 24 Feb 2025 03:34 PM IST
सार
Pawan Kalyan: आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण ने पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी पर निशाना साधते हुए कहा कि, 'वाईएसआरसीपी को अगले पांच सालों तक विपक्ष का दर्जा नहीं मिलेगा'। इस दौरान उन्होंने विधानसभा में विपक्षी नेताओं के व्यवहार की भी निंदा की।
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पवन कल्याण, डिप्टी सीएम, आंध्र प्रदेश
- फोटो : ANI
विस्तार
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोमवार को कहा कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी को पांच साल तक विपक्ष का दर्जा नहीं दिया जाएगा। विधानसभा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जनसेना के संस्थापक ने कहा कि वाईएसआरसीपी को विपक्ष का दर्जा नहीं दिया जा सकता, जिसके पास केवल 11 विधायक हैं। उन्होंने कहा, 'अगामी पांच सालों में आपको (वाईएसआरसीपी) विपक्ष का दर्जा नहीं मिलेगा। इसके लिए मानसिक रूप से तैयार रहें। 11 सीटों के साथ, आपको विपक्ष का दर्जा नहीं दिया जाएगा।'
वाईएसआरसीपी नेताओं के व्यवहार की आलोचना की
अभिनेता से राजनेता बने पवन कल्याण ने कहा- कि विपक्ष का दर्जा मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू या जनसेना की तरफ से नहीं, बल्कि नियमों, विनियमों और मानदंडों की तरफ से तय किया जाता है। इस दौरान पवन कल्याण ने राज्यपाल एस अब्दुल नजीर के अभिभाषण के दौरान वाईएसआरसीपी नेताओं के व्यवहार की आलोचना की, जहां उन्होंने कथित तौर पर उनके भाषण की प्रतियां फाड़ दीं।
विपक्ष से विधानसभा में शिष्टाचार बनाए रखने का किया आग्रह
जनसेना प्रमुख ने वाईएसआरसीपी के कृत्य की निंदा की और उनसे विधानसभा में शिष्टाचार बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दर्जा मांग के आधार पर नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक बहुमत वाली पार्टी सरकार बनाएगी और अगली सबसे बड़ी पार्टी को विपक्ष का दर्जा दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल जनसेना 21 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।
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राज्यपाल के अभिभाषण के बीच में YSRCP नेताओं ने किया वॉकआउट
बता दें कि, सोमवार को जगन मोहन रेड्डी अपनी पार्टी के विधायकों के साथ सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। इस दौरान वाईएसआरसीपी के विधायकों और एमएलसी ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया और पार्टी के लिए विपक्ष का दर्जा मांगे जाने की मांग करते हुए 'लोकतंत्र बचाओ' और 'हमें न्याय चाहिए' जैसे नारे लगाए। वाईएसआरसीपी के विधायकों ने स्पीकर के आसन के पास नारे लगाए, जब राज्यपाल सदन को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के अभिभाषण के बीच में ही वे सदन से बाहर चले गए।
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वाईएसआरसीपी नेताओं के व्यवहार की आलोचना की
अभिनेता से राजनेता बने पवन कल्याण ने कहा- कि विपक्ष का दर्जा मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू या जनसेना की तरफ से नहीं, बल्कि नियमों, विनियमों और मानदंडों की तरफ से तय किया जाता है। इस दौरान पवन कल्याण ने राज्यपाल एस अब्दुल नजीर के अभिभाषण के दौरान वाईएसआरसीपी नेताओं के व्यवहार की आलोचना की, जहां उन्होंने कथित तौर पर उनके भाषण की प्रतियां फाड़ दीं।
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विपक्ष से विधानसभा में शिष्टाचार बनाए रखने का किया आग्रह
जनसेना प्रमुख ने वाईएसआरसीपी के कृत्य की निंदा की और उनसे विधानसभा में शिष्टाचार बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का दर्जा मांग के आधार पर नहीं दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक बहुमत वाली पार्टी सरकार बनाएगी और अगली सबसे बड़ी पार्टी को विपक्ष का दर्जा दिया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन में शामिल जनसेना 21 सीटों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है।
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राज्यपाल के अभिभाषण के बीच में YSRCP नेताओं ने किया वॉकआउट
बता दें कि, सोमवार को जगन मोहन रेड्डी अपनी पार्टी के विधायकों के साथ सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। इस दौरान वाईएसआरसीपी के विधायकों और एमएलसी ने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया और पार्टी के लिए विपक्ष का दर्जा मांगे जाने की मांग करते हुए 'लोकतंत्र बचाओ' और 'हमें न्याय चाहिए' जैसे नारे लगाए। वाईएसआरसीपी के विधायकों ने स्पीकर के आसन के पास नारे लगाए, जब राज्यपाल सदन को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल के अभिभाषण के बीच में ही वे सदन से बाहर चले गए।