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वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद का दावा: कोविड-19 टीकाकरण पर 35 हजार करोड़ रुपये खर्च करना बेकार
Wed, 17 Mar 2021 11:55 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 17 Mar 2021 11:55 PM IST
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YSRCP MP Sanjeev Kumar
- फोटो : सोशल मीडिया
लोकसभा में स्वास्थ्य चर्चा के दौरान वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद संजीव कुमार ने दावा किया कि कोविड टीकाकरण पर 35 हजार करोड़ रुपये खर्च करना बेकार है क्योंकि यह टीका छह से नौ महीने के लिए ही प्रभावी है।
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पेशे से चिकित्सक कुमार ने कहा कि सरकार को इस धन को प्राथमिक स्वास्थ्य पर खर्च करना चाहिए क्योंकि सार्वभौमिक टीकाकरण संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि सरकार ने देश में कोविड-19 प्रबंधन बहुत अच्छी तरह किया और मृत्युदर विकसित देशों से बहुत कम रही।
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उन्होंने तीन साल का परास्नातक पाठ्यक्रम कर चुके आयुर्वेदिक चिकित्सकों को 60 प्रकार की सर्जरी करने की अनुमति देने के सरकार के फैसले को खतरनाक बताया।
वहीं तेलंगाना राष्ट्र समिति के जी रंजीत रेड्डी ने तेलंगाना में कई क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि ‘आयुष्मान भारत’ के तहत सिर्फ 40 फीसदी अस्पताल में सूचीबद्ध हो रहे हैं। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।
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शिवसेना के श्रीकांत शिंदे ने कहा कि स्वास्थ्य का बजट 137 फीसदी बढ़ाने की बात की गई है, जबकि पेयजल एवं स्वच्छता के बजट में बढ़ोतरी की गई है जो स्वास्थ्य बजट में शामिल है। अगर असल में स्वास्थ्य का बजट बढाया गया होता तो राज्यों को कोरोना से निपटने में इतनी दिक्कत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि मुंबई के धारावी में महाराष्ट्र सरकार ने जिस तरह से कोरोना की स्थिति का प्रबंधन किया उसकी तारीफ दुनिया के प्रमुख मीडिया समूहों ने की। शिंदे ने कहा कि केंद्र को सहयोगात्मक संघवाद की अपनी भूमिका का निर्वहन करते हुए महाराष्ट्र के साथ पूरा सहयोग करना चाहिए।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अमोल कोले ने कहा कि स्वास्थ्य बजट को दो लाख करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है, जबकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का बजट असल में 71 हजार करोड़ रुपये का है जो जीडीपी का सिर्फ 1.5 फीसदी है। उन्होंने कहा कि केंद्र को महाराष्ट्र सरकार की मदद करनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के एसटी हसन ने कहा कि आयूष चिकित्सकों को बड़ी सर्जरी की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि इंसानों की जान कोई खेल नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना के टीके पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
बसपा के मलूक नागर ने कहा कि अगर लॉकडाउन लगने से तीन-चार दिन पहले मजदूरों को जाने की अनुमति दी जाती तो उन्हें इतनी दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ता।
भाजपा के सत्यपाल सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को जो करिश्माई नेतृत्व दिया वो तारीफ के काबिल है। उन्होंने कोरोना महामारी की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा, ‘हमारे पुर्वज इतने बीमार नहीं होते थे और आज हम लोग बहुत बीमार होते हैं। इसका क्या कारण है, स्वास्थ्य मंत्रालय को पता करना चाहिए।’
सिंह ने कहा कि लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए प्रेरणा दी जानी चाहिए और इसके लिए आयुर्वेद पर जोर देना चाहिए। चर्चा में भाग लेते हुए बीजू जनता दल की राजश्री मलिक ने कहा कि स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि स्वास्थ्य योजनाओं के लिए ओडिशा को धन अधिक उपलब्ध कराया जाए। द्रमुक के डीएनवी सेंथिल कुमार ने सरकार से आग्रह किया कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर जीडीपी का कम से कम चार फीसदी खर्च किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान में सरकार का प्रयास सराहनीय है, लेकिन अभी इसके बारे में जागरुकता बढ़ाने की कोशिश होनी चाहिए।सेंथिल कुमार ने गरीबों के लिए टीका मुफ्त उपलब्ध कराने की भी मांग की।