नियम-कायदे जेब में रख गाड़ी की नंबर प्लेट पर भी 'नंबर एक' होने का सबूत दे रहे सांसद जी!
परिवहन विभाग की गाइड लाइन यह कहती है कि आपकी गाड़ी का नंबर डिजाइनर फॉन्ट या इस तरह से नहीं लिखा होना चाहिए कि वह पढ़ने में न आ सके। ऐसा न करने की सख्त हिदायत है और ऐसा करने पर आप जेल भी जा सकते हैं। हालांकि, यह नियम सिर्फ आप यानी आम जनता पर ही लागू होता है। हमारी संसद में ही एक सांसद ऐसे हैं जो खुद को नंबर एक तो समझते ही हैं गाड़ी की नंबर प्लेट पर भी इस बात का सबूत देते फिर रहे हैं।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद मरगनी भरत राम आंध्र प्रदेश की राजमंदरी लोकसभा सीट से सांसद हैं। इनकी गाड़ी का नंबर TS08GC0001 है, लेकिन सांसद जी ने गणित के उस नियम को चरितार्थ करते हुए कि किसी अंक से पहले के शून्य का कोई मूल्य नहीं होता, तीनों शून्य हटा दिए। ऐसे में इन्होंने '1' नंबर इतना बड़ा लिखवाया है कि पूरी नंबर प्लेट पर सिर्फ वही अंक दिखाई देता है। इस एक के ऊपर बेहद छोटे आकार में TS08GC लिखा है। तीनों जीरो का कोई अता-पता नहीं।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध
आपको बता दें कि फैंसी नबर प्लेट लगाना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध है। ऐसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करने पर 100 रुपये का जुर्माना है। वहीं, अगर इस मामले में आप एक से ज्यादा बार पकड़े जाते हैं तो 2000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा और जेल भी हो सकती है। हालांकि, अलग-अलग राज्य के मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माने की राशि के अलग-अलग पैमाने हैं।
कौन हैं मरगनी भरत राम
इस साल हुए लोकसभा चुनाव में मरगनी भरत ने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट से आंध्र प्रदेश की राजमुंदरी लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी। भरत ने यहां टीडीपी प्रत्याशी मंगती रूपा को हराया था। अमेरिका से एमबीए की पढ़ाई किए मरगनी भरत पहले अपने पिता का व्यापार संभाल रहे थे। एक कार्यक्रम में भरत की वाईएसआर मुखिया जगनमोहन से मुलाकात हुई। मरगनी की नेतृत्व क्षमता से प्रभावित होकर जगनमोहन ने इन्हें टिकट दिया था।