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जिस गर्भवती पत्नी को छुड़ाने की कोशिश में युवक ने गंवाई जान, उसका गर्भवती होने से इनकार
Mon, 15 Jul 2019 09:05 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 15 Jul 2019 09:05 AM IST
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अनुसूचित जाति के युवक की पुलिस के सामने हुई हत्या
- फोटो : ANI
लगभग एक हफ्ते पहले 25 साल के अनुसूचित जाति के युवक की उसके ऊंची जाति के ससुरालवालों ने अहमदाबाद के नजदीक गांव में हत्या कर दी। ससुराल वालों ने पुलिस के सामने ही तलावरों, चाकुओं और रॉड से वार करके उसे मौत की नींद सुला दिया था। वह अपनी गर्भवती पत्नी को उसके पिता के चंगुल से छुड़ाना चाहता था। पत्नी घटना के बाद से ही गायब थी। अब पुलिस ने पीड़ित की उस लापता पत्नी को ढूंढ निकाला है जो अपनी मां के साथ रह रही है और शनिवार को उसके बयान दर्ज किए।
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एससी/एसटी सेल के पुलिस उपाधीक्षक पीडी मानवर ने कहा, 'घटना के मुख्य आरोपी दशरथ सिन्ह जाला की गिरफ्तारी के बाद हमने पीड़ित हरेश सोलंकी की पत्नी उर्मिला जाला को उसके रिश्तेदार के घर से ढूंढ निकाला। वह यहां अपनी मां के साथ रह रही थी। पुलिस को दिए बयान में उसने बताया है कि वह गर्भवती नहीं है। चूंकि वह मामले की आरोपी नहीं है इसलिए हम उसके राजी होने पर केवल मेडिकल टेस्ट करेंगे।'
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आठ जुलाई को कच्छ के गांधीधाम के रहने वाले हरेश ने 181 अभायम हेल्पलाइन पर फोन करके मदद मांगी थी। उसने कहा था कि उसकी पत्नी दो महीने की गर्भवती है और अहमदाबाद ग्रामीण के गांव वारमोर में अपने पिता दशरथ सिन्ह जाला की कैद में है। सोमवार को छह बजे 181 की टीम हरेश को उर्मिला के घर लेकर पहुंची।
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181 की टीम में हरेश के साथ राज्य काउंसलर, एक महिला पुलिस कांस्टेबल और ड्राइवर शामिल थे। सरकारी वाहन के अंदर हरेश और ड्राइवर इंतजार में खड़े थे। वहीं कांस्टेबल और काउंसलर उर्मिला के पिता के साथ बातचीत करने की कोशिश कर रहे थे। 20 मिनट बाद जब दशरथ सिन्ह को अहसास हुआ कि हरेश बाहर खड़ा है तो उन्होंने और सात लोगों ने मिलकर युवक को वाहन से बाहर निकला और उसपर चाकू, तलवार और लोहे की रॉड से हमला किया। पीड़ित की मौके पर मौत हो गई।
आरोपियों ने महिला कांस्टेबल और काउंसलर पर भी हमला किया। इस हमले के दौरान सरकारी वाहन में तोड़-फोड़ की गई। आठों आरोपी रिश्तेदार हैं और वरमोर गांव में ही रहते हैं। हत्या के दिन से ही पीड़ित की पत्नी गायब थी। हरेश और उर्मिला ने छह महीने पहले प्रेम विवाह किया था। वह एक निजी कंपनी में ड्राइवर के तौर पर काम करता था और जब उर्मिला मेहसाणा के कॉलेज में पढ़ती थी तब उसके संपर्क में आया।
हत्या के बाद पुलिस ने दशरथ सिन्ह और छह अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि अधिकारियों ने उस जगह का पता बताने से मना कर दिया हैं जहां उर्मिला अपनी मां के साथ रह रही है। चूंकि पीड़ित की पत्नी ने निजता बनाए रखने का अनुरोध किया है।