गलत इंजेक्शन भी बने विधायक हाजी इरफान की मौत की वजह!
- रक्तस्राव रोकने के स्थान पर रक्त स्राव बढ़ाने वाले इंजेक्शन लगा दिए थे।
- एक घंटे के भीतर यह इंजेक्शन दो बार लगाए गए।
- विधायक को खून की उल्टी हुई और उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।
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विस्तार
घायल सपा विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के इलाज में आला दर्जे की लापरवाही के साथ प्राथमिक इलाज के दौरान दवाइयां भी गलत दी गईं। प्रारंभिक पड़ताल में पता लगा है कि इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉ. राजेश वर्मा ने घायल विधायक को रक्तस्राव रोकने के स्थान पर रक्त स्राव बढ़ाने वाले इंजेक्शन लगा दिए थे।
इतना ही नहीं एक घंटे के भीतर यह इंजेक्शन दो बार लगाए गए। अंदेशा है कि इसके चलते विधायक को खून की उल्टी हुई और उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।
हादसे में घायल विधायक मोहम्मद इरफान 9.45 बजे जिला अस्पताल लाए गए। इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉ. राजेश वर्मा तैनात थे। उन्होंने करीब 30 मिनट तक विधायक का इलाज किया। विधायक के बीएचटी पर गौर करें तो उनको इंजेक्शन डेक्सोना और हाइड्रोकोर्टिजोन लगाए गए।
इसके अलावा दर्द के लिए डिक्लो इंजेक्शन भी विधायक को दिया गया। पेट में तकलीफ के लिए रैनीटीडीन और एमसीएल दवाएं भी दी गईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें तो घायल विधायक को रक्त स्राव रोकने के लिए स्ट्रैप्टोक्रोम इंजेक्शन दिया जाना चाहिए था।
घायल को इंजेक्शन डेक्सोना और हाइड्रोकोर्टिजोन लगाने पर रक्त स्राव बढ़ने का खतरा रहता है। इतना ही नहीं रास्ते में विधायक की हालत बिगड़ने पर ट्रेनी फार्मासिस्ट अंसार और लखन ने डॉ. राजेश वर्मा से बात की तो उन्होंने फिर से यही इंजेक्शन लगाने को कह दिया।
फार्मासिस्टों ने डीएम को दिए लिखित बयान में यह बात कही है। इलाज कर रहे डॉक्टर से यही चूक हुई और विधायक के अंदरूनी हिस्सों में रक्त स्राव शुरू हो गया। उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया था।
क्या कहना है अधिकारियों का
मैंने घायलों को जीवनरक्षक दवाएं लगाकर इलाज शुरू किया। विधायक जी के कम होते बीपी और हल्की नब्ज को देखते हुए कंसल्टेंट सर्जन अवधेश कुमार और सीएमएस शशि कुमार अग्निहोत्री को बुलाया। डा.अवधेश ने मरीजों का इलाज शुरू किया। इस दौरान मैं सभी मरीजों के इलाज और अन्य आदेशों के अनुपालन में लगा रहा, जो सीएमएस देते रहे। सर्जन ने रेफर करने का निर्णय लिया। सीएमएस ने मुझसे रेफर लैटर बनाने को कहा। किसी डॉक्टर को घायलों के साथ न भेजने के आदेश मुझे नहीं दिए गए।
-डा.राजेश कुमार वर्मा, ईएमओ, जिला अस्पताल
अगर घायल को इंजेक्शन डेक्सोना और हाइड्रोकोर्टिजोन दिए जाते हैं तो यह उसके लिए खतरनाक हो सकता है। घायल को स्ट्रैप्टोक्रोम इंजेक्शन दिया जाना चाहिए। जहां तक मेरी जानकारी में आया है विधायक के इलाज में लापरवाही हुई है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन न होना भी बड़ी चूक है।
-डॉ. मुकेश जौहरी, पूर्व अध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
बदायूं के हेल्थ अफसरों पर कार्रवाई तय
बिलारी के सपा विधायक मरहूम हाजी मोहम्मद इरफान के परिजनों का गम बांटने पहुंचे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बदायूं के हेल्थ अफसरों पर बड़ी कार्रवाई का इशारा कर गए। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों पर कहा कि जांच हो रही है। दोषी बचेंगे नहीं।
बिलारी विधायक हाजी मोहम्मद इरफान समेत तीन लोगों की मौत बदायूं में एक सड़क हादसे में हो गई थी। इस हादसे के बाद से ही बदायूं के जिला अस्पताल के कर्ता-धर्ता आरोपों में घिरे हैं। हादसे में घायल विधायक के पुत्र फहीम ने जिला अस्पताल के डाक्टरों पर आरोप लगाया था कि तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।
विधायक लगी चोटें घातक नहीं थी लेकिन डाक्टरों ने रेफर करने, एंबुलेंस उपलब्ध कराने में ही काफी वक्त लगा दिया था। शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब विधायक के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे तो भी परिवार वालों ने बदायूं के स्वास्थ्य अफसरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
फहीम ने सीएम को बताया कि बदायूं के प्रभारी सीएमओ के सामने गिड़गिड़ाते रहे कि अब्बू के इलाज में गंभीरता दिखाओ। जब बरेली रेफर करने लगे तब ऑक्सीजन युक्त अच्छी एंबुलेंस और किसी विशेषज्ञ डाक्टर को साथ भेजने की गुजारिश की। लेकिन न डाक्टर भेजा न ही ऑक्सीजन वाली एम्बुलेंस। उसकी गति भी धीमी थी। इस पर मुख्यमंत्री ने जिस-जिस की भी लापरवाही सामने आएगी सभी नपेंगे।