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BRS विधायक खरीद फरोख्त मामला: केस CBI को सौंपने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती, रिट अपील दायर
Wed, 04 Jan 2023 10:14 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 04 Jan 2023 10:14 PM IST
सार
हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने 26 दिसंबर, 2022 को चार बीआरएस विधायकों की खरीद फरोख्त के कथित षड़यंत्र से जुड़े मामले की जांच राज्य पुलिस की एसआईटी से सीबीआई को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया था।
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तेलंगाना हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तेलंगाना सरकार ने बीआरएस विधायकों की कथित फरोख्त मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर करने के एक न्यायाधीश के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार ने बुधवार को हाईकोर्ट में एक रिट अपील दायर की। इससे पहले राज्य पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया था, जो इसकी जांच कर रहा था। लेकिन इसे सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया।
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यह मामला कल यानी गुरुवार को चीफ जस्टिस के नेतृत्व वाले हाईकोर्ट की एक खंडपीठ के समक्ष आएगा। हाईकोर्ट के एकल न्यायाधीश ने 26 दिसंबर, 2022 को चार बीआरएस विधायकों की खरीद फरोख्त के कथित षड़यंत्र से जुड़े मामले की जांच राज्य पुलिस की एसआईटी से सीबीआई को ट्रांसफर करने का निर्देश दिया था।
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हाईकोर्ट ने एसआईटी गठित करने के सरकार के आदेश और उसके द्वारा अब तकी गई जांच और एक सहायक पुलिस आयुक्त द्वारा प्रारंभिक चरण में की गई जांच को रद्द कर दिया था।
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तीन व्यक्तियों रामचंद्र भारती उर्फ सतीश शर्मा, नंदू कुमार और सिम्हायाजी स्वामी को पहले से ही आरोपी (ए1 से ए3) के रूप में नामजद किया जा चुका है। तीनों को बीआरएस विधायक पायलट रोहित रेड्डी द्वारा उनके खिलाफ 26 अक्तूबर, 2022 को एक शिकायत दर्ज कराने के बाद आरोपी बनाया गया।
इन तीनों को तब गिरफ्तार किया गया था जब वे कथित रूप से सत्तारूढ़ बीआरएस के चार विधायकों को भाजपा में शामिल होने के लिए लुभाने की कोशिश कर रहे थे। बाद में उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।