Wrestlers Protest: पहलवानों के समर्थन में सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी; जल्द ही उनसे मिलने जाएगा प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हाथों में हम न्याय चाहते हैं, का बोर्ड लेकर चल रही हैं। यह रैली हाजरा से रविंद्र सरोवर तक जाएगी। ममता ने कल ही प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने कहा था 'हमारे पहलवानों को पीटा गया और प्रताड़ित किया गया...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (सीएम) ममता बनर्जी बुधवार को पहलवानों के समर्थन में कोलकाता की सड़कों पर उतर आईं। उनके साथ कई मंत्री और कई वर्तमान और भूतपूर्व खिलाड़ी भी उनके साथ मार्च में हिस्सा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हाथों में हम न्याय चाहते हैं, का बोर्ड लेकर चल रही हैं। यह रैली हाजरा से रविंद्र सरोवर तक जाएगी। ममता ने कल ही प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को अपना समर्थन दिया था। उन्होंने कहा था 'हमारे पहलवानों को पीटा गया और प्रताड़ित किया गया।
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने पहलवानों से बात की और उन्हें अपना समर्थन दिया। हम उनके साथ एकजुटता जताते हैं। उन्होंने पूछा कि एक व्यक्ति पर शारीरिक हमले का आरोप है, उसे गिरफ्तार क्यों नहीं किया जा रहा है। बहुत जल्द तृणमूल कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल आंदोलन कर रहे खिलाड़ियों से मुलाकात करेगा।
पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी भी शामिल हुए
पहलवानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत के पूर्व मिडफील्डर मेहताब हुसैन बुधवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शहर में विरोध मार्च में शामिल हुए। ईस्ट बंगाल के पूर्व मिडफील्डर ने कहा कि जब उन्हीं एथलीटों ने आपको ओलंपिक पदक दिलाए तो प्रधानमंत्री के पास चाय पर उनकी मेजबानी करने और फोटो खिंचवाने का समय था। अगर पीएम पांच मिनट का समय उनकी दलीलों को सुनने के लिए देते, तो यह नाटक इस मुकाम तक नहीं पहुंचता। मेहताब के साथ ईस्ट बंगाल के लगभग 20 पूर्व खिलाड़ी और अधिकारी भी थे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के साथ पूर्व महिला फुटबॉल खिलाड़ी कुंतला घोष दस्तीदार और शांति मलिक, पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी अलवितो डी'कुन्हा, रहीम नबी और दीपेंदु बिस्वास तथा कई अन्य खेल हस्तियां और आम लोग थे। मंत्री अरूप बिस्वास और क्रिकेटर से मंत्री बने मनोज तिवारी ने प्रदर्शनकारी पहलवानों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए खेल विभाग द्वारा आयोजित रैली की अगुवाई की।
23 अप्रैल से नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे
पहलवान बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर 23 अप्रैल से नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे। 28 मई को नए संसद भवन की ओर कूच करने की उनकी कोशिश के बाद पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से हटा दिया था। उन्हें हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया गया था।