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गोरखपुर में बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा 150 किलो वजनी दीया, 100 लीटर तेल से जलेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, गोरखपुर
Updated Sat, 22 Oct 2016 06:07 AM IST
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : Getty Images
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शहर के मोहनलालपुर में करीब डेढ़ क्विंटल वजनी दीया बन रहा है। श्रीश्री महालक्ष्मी पूजा नवयुवक समिति और सूर्यकुंडधाम जीर्णोद्धार समित इसे तैयार करा रही है। इसके जरिये दोनों समितियों की कोशिश लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के साथ ही सनातन परंपरा में दीपदान का महत्व समझाने की है।
डेढ़ माह से इसे बनाने में लगे कुम्हार शिब्बनलाल प्रजापति और उनके सहयोगियों के मुताबिक इसमें लगभग 100 लीटर तेल डाला जा सकता है। इसमें बाती लगाने के लिए स्टैंड बनवाया जा रहा है। समिति की योजना इसे 31 अक्टूबर को सांसद योगी आदित्यनाथ के हाथों प्रज्ज्वलित कराने की है।
पूजा समिति के अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने बताया कि पंडाल पर रखा दीप विसर्जन के दिन प्रतिमा के साथ पूरे नगर में घुमाया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह है कि लोग दीपदान का महत्व समझें। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक झालरों के उपयोग से होने वाले कार्बन उत्सर्जन के प्रति भी जागरूक हों। सूर्यकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति के प्रवक्ता सुनील शर्मा, सचिव सुधाकर त्रिपाठी, पूजा समिति के महामंत्री अमरदीप गुप्ता ने बताया कि छठ पर इस दीप को सूर्यकुंड धाम पर सजाया जाएगा।
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डेढ़ माह से इसे बनाने में लगे कुम्हार शिब्बनलाल प्रजापति और उनके सहयोगियों के मुताबिक इसमें लगभग 100 लीटर तेल डाला जा सकता है। इसमें बाती लगाने के लिए स्टैंड बनवाया जा रहा है। समिति की योजना इसे 31 अक्टूबर को सांसद योगी आदित्यनाथ के हाथों प्रज्ज्वलित कराने की है।
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पूजा समिति के अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने बताया कि पंडाल पर रखा दीप विसर्जन के दिन प्रतिमा के साथ पूरे नगर में घुमाया जाएगा। इसके पीछे मंशा यह है कि लोग दीपदान का महत्व समझें। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक झालरों के उपयोग से होने वाले कार्बन उत्सर्जन के प्रति भी जागरूक हों। सूर्यकुंड धाम जीर्णोद्धार समिति के प्रवक्ता सुनील शर्मा, सचिव सुधाकर त्रिपाठी, पूजा समिति के महामंत्री अमरदीप गुप्ता ने बताया कि छठ पर इस दीप को सूर्यकुंड धाम पर सजाया जाएगा।
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लिम्का बुक में दर्ज हो सकता है दीया
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- फोटो : Getty images
दोनों समितियों का मानना है कि यह दीया विश्व में सबसे बड़ा होगा। समिति ने विश्व रिकार्ड दर्ज कराने के लिए लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड से भी संपर्क साधा है। हालांकि, अभी समिति को कोई जवाब नहीं मिला है। समिति के सदस्यों को विश्वास है कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में गोरखपुर का यह दीया अपना स्थान बना सकता है।
ऐसे अस्तित्व में आया विशाल दीया
पूजा समिति के महामंत्री अमरदीप और सदस्य राहुल ने लोगों को दीपदान एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए सबसे बड़ा दीया तैयार करने की योजना बनाई। समिति की बैठक में उनके प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। दोनों समितियों ने सहयोग दिया। दीये को रंग देने और बत्ती तैयार करने का काम अभी बाकी है। अब तक इस पर करीब चार हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।
ऐसे अस्तित्व में आया विशाल दीया
पूजा समिति के महामंत्री अमरदीप और सदस्य राहुल ने लोगों को दीपदान एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए सबसे बड़ा दीया तैयार करने की योजना बनाई। समिति की बैठक में उनके प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। दोनों समितियों ने सहयोग दिया। दीये को रंग देने और बत्ती तैयार करने का काम अभी बाकी है। अब तक इस पर करीब चार हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।