फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   world is suffering loss of more than Rs 3,33,715 crore every year due to termites

चिंताजनक: बढ़ते तापमान के साथ बढ़ रही दीमक की आबादी; हर साल 3 लाख करोड़ से अधिक का कर रहे नुकसान

Fri, 10 May 2024 06:32 AM IST
शिव शरण शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Fri, 10 May 2024 06:32 AM IST
सार

दीमकों द्वारा लकड़ियों को ही निशाना बनाने की मुख्य वजह सेल्यूलोज होता है, जो दीमकों का मुख्य आहार है। सेल्यूलोज पेड़, पौधे, लकड़ी, घास आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

विज्ञापन
world is suffering loss of more than Rs 3,33,715 crore every year due to termites
दीमक(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : freepic

विस्तार

जलवायु परिवर्तन के साथ ही दीमक का खतरा तेजी से बढ़ा है। दुनिया के अधिकांश शहर छोटे लेकिन विनाशकारी और आक्रामक कीट दीमक की चपेट में आ रहे हैं। बढ़ता तापमान ठंडे क्षेत्रों को भी दीमकों के अनुकूल बना रहा है।  दीमकों की वजह से दुनिया को हर साल 3,33,715 करोड़ रुपए (4,000 करोड़ डॉलर) से ज्यादा का नुकसान हो रहा है। 

विज्ञापन


यह जानकारी जर्नल नियोबायोटा में प्रकाशित शोध अध्ययन में मिली है। वैश्विक स्तर पर जिस तरह जलवायु में बदलाव आ रहे हैं और दुनिया गर्म हो रही है उसके कारण यह आक्रामक जीव उन शहरों में भी तेजी से फैल रहे हैं जहां पहले इनका नामोनिशान नहीं था। इन शहरों में साओ पाउलो, लागोस,मियामी,जकार्ता और डार्विन जैसे गर्म स्थानों के साथ साथ लंदन, पेरिस, ब्रुसेल्स न्यूयॉर्क और टोक्यो जैसे ठंडे समशीतोष्ण शहर भी शामिल हैं। आमतौर पर उष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपने वाले यह दीमक अपने प्राकृतिक आवास से दूर शहरों में बढ़ती कनेक्टिविटी और जलवायु में आ रहे बदलावों के कारण आसानी से पहुंच रहे हैं। बढ़ता शहरीकरण भविष्य में आक्रामक दीमकों के व्यापक प्रसार में और मददगार होगा। जहाजों द्वारा दूर दराज के क्षेत्रों में भेजे जाने वाले लकड़ी के फर्नीचर सहित अन्य सामान और इनकी वैश्विक आवाजाही की वजह से दीमक घरों और प्रतिष्ठानों में फैल जाते हैं।
विज्ञापन


इसलिए बनाते हैं लकड़ियों को निशाना
दीमकों द्वारा लकड़ियों को ही निशाना बनाने की मुख्य वजह सेल्यूलोज होता है, जो दीमकों का मुख्य आहार है। सेल्यूलोज पेड़, पौधे, लकड़ी, घास आदि में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। दीमकों के मुंह की बनावट ऐसी होती है कि उनके लिए लकड़ी और इस तरह की चीजों को खाना आसान होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि लकड़ी के एक छोटे से टुकड़े में बसी एक अकेली दीमक कॉलोनी, वेस्ट इंडीज से आपके अपार्टमेंट तक गुप्त रूप से यात्रा कर सकती है। यात्रा के बाद एक बार जब दीमकों के राजा, रानियां प्रकाश की ओर आकर्षित होते हैं तो वे अपनी आबादी बढ़ाना शुरू कर देते हैं। एक छोटा सा कीड़ा जो धीरे-धीरे घरों में सेंध लगाता है, लेकिन यदि एक बार इसने डेरा जमा लिया तो इसे वहां से हटाना आसान नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन


3 से 5 साल में परिपक्व होती है एक दीमक कॉलोनी
एक दीमक कॉलोनी 3 से 5 साल में परिपक्व होती है और झुंड (पंख वाले वयस्क) पैदा करना शुरू करती है। उत्तरी कैरोलिना में भूमिगत दीमकों की कम से कम तीन मूल प्रजातियां हैं जो सर्दियों के अंत में झुंड बनाना शुरू करती हैं। झुंड आमतौर पर दिन के दौरान हमलावर होते हैं, खासकर बारिश के बाद गर्म दिनों में। जब झुंड घर के अंदर होता है, तो इसका मतलब होता है कि घर के भीतर कहीं न कहीं संक्रमण है। चींटियों की कई प्रजातियां भी दीमक के रूप में वर्ष के एक ही समय में झुंड में आती हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed