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विश्व कैंसर दिवस: मधुमेह और हाई इंसुलिन भी बन रहा कैंसर का कारण
ब्यूरो /अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 04 Feb 2017 06:07 AM IST
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मधुमेह और हाई इंसुलिन भी अब कई तरह के कैंसर की वजह बन रहा है। अमेरिकन इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च के एक अध्ययन के मुताबिक ऐसे मरीजों में किडनी और अग्नाशय के कैंसर की संभावना ज्यादा होती है। मधुमेह और इंसुलिन की वजह से महिलाओं में स्तन और मलाशय कैंसर का भी खतरा रहता है।
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साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ एंडोकिन सोसायटी के वाइस प्रेसिडेंट डॉ संजय कालरा का कहना है कि ब्लड ग्लूकोज में वृद्धि और कैंसर होने के बीच सीधा संबंध फिलहाल स्पष्ट नहीं है, लेकिन दोनों में गहरा संबंध है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता।
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मैक्स सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल के कैंसर रोग विभाग के चेयरमैन डॉ हरित चतुर्वेदी का कहना है कि देश में केवल 15 प्रतिशत कैंसर पीड़ितों को ही समय पर उपचार मिल पाता है। इसमें यदि सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दशक में कैंसर मरीजों की संख्या दोगुनी हो जाएगी।
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डॉ चतुर्वेदी का कहना है कि सरकार को देश में ज्यादा से ज्यादा डायग्नोस्टिक सेंटर का निर्माण करना चाहिए, ताकि जल्द कैंसर मरीजों की पहचान की जा सके। पहले और दूसरे स्तर पर कैंसर का पता लगने पर बेहतर परिणाम के साथ इलाज संभव है। डॉयग्नोस्टिक सेंटर बनाने पर अस्पताल की तुलना में महज 25 फीसदी खर्च आता है।
'हर दशक कैंसर रोगियों की उम्र में कमी आ रही है'
वेंकटेश्वर अस्पताल के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ दिनेश चंद्र कटियार का कहना है कि हर दशक कैंसर रोगियों की उम्र में कमी आ रही है। पहले आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को यह बीमारी होती थी, लेकिन अब 20 से 40 वर्ष के युवा में भी कैंसर के मामले देखे जा रहे हैं। आईसीएमआर के इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक वर्ष-2020 तक भारत में कैंसर के 17.3 लाख से अधिक नए मामले सामने आने की संभावना है, जबकि 8.8 लाख से अधिक लोगों की मौत इस बीमारी से हो सकती है।
बीमारी से बचाव के लिए कुछ सुझाव
. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
. अधिक फाइबर युक्त स्वास्थ्यकर शाकाहारी आहार लें।
. फिट रहने के लिए नियमित रुप से व्यायाम करें।
. योग और ध्यान की मदद से तनाव दूर करें।
. धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
. नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
. अपने वजन को नियंत्रित रखें।
बीमारी से बचाव के लिए कुछ सुझाव
. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं।
. अधिक फाइबर युक्त स्वास्थ्यकर शाकाहारी आहार लें।
. फिट रहने के लिए नियमित रुप से व्यायाम करें।
. योग और ध्यान की मदद से तनाव दूर करें।
. धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
. नियमित तौर पर स्वास्थ्य जांच कराएं।
. अपने वजन को नियंत्रित रखें।