{"_id":"6786726c7a423451880e0aeb","slug":"work-on-waqf-bill-progressing-at-good-pace-positive-results-will-come-soon-meghwal-2025-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Waqf Bill: अर्जुन राम मेघवाल का दावा, 'वक्फ बिल पर काम तेजी से चल रहा है, सकारात्मक परिणाम जल्द ही आएंगे'","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Waqf Bill: अर्जुन राम मेघवाल का दावा, 'वक्फ बिल पर काम तेजी से चल रहा है, सकारात्मक परिणाम जल्द ही आएंगे'
Tue, 14 Jan 2025 07:49 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 14 Jan 2025 07:49 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दावा किया है कि, वक्फ बिल पर काम तेजी से चल रहा है, जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम आएंगे। वहीं उन्होंने 'न्यायालय में विचाराधीन' पूजा स्थल अधिनियम पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को कहता है तो केंद्र 'राष्ट्रीय हित' में हलफनामा दाखिल करेगा।
विज्ञापन
अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री
- फोटो : X / @arjunrammeghwal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को कहा कि वक्फ (संशोधन) विधेयक पर काम अच्छी गति से चल रहा है और जल्द ही इसके 'सकारात्मक परिणाम' सामने आएंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी पत्रिका 'पांचजन्य' की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने वक्फ विधेयक पर एक सवाल के जवाब में कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 'बड़ा फैसला' लिया और विधेयक लाया, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पारित कर दिया।
'बैठकें हो रही हैं, फील्ड विजिट भी किए गए हैं'
उन्होंने कहा, 'जब विधेयक पेश किया गया था, तो मांग की गई थी कि इसे समिति के पास भेजा जाना चाहिए, इसलिए जेपीसी का गठन किया गया। बैठकें हो रही हैं, फील्ड विजिट भी किए गए हैं और काम अच्छी गति से चल रहा है। आप यह नहीं कह सकते कि प्रक्रिया धीमी है।' अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश किए जाने के समय ही इस पर सरकार की भावनाओं के बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा, 'इसमें किसी तरह के संदेह की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द ही संसद में सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे।'
पूजा स्थल अधिनियम पर टिप्पणी करने से किया इनकार
वहीं केंद्रीय मंत्री ने 'न्यायालय में विचाराधीन' पूजा स्थल अधिनियम पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को कहता है तो केंद्र सरकार 'राष्ट्रीय हित' में हलफनामा दाखिल करेगा। पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम में बदलाव की कोई योजना है या नहीं, यह पूछे जाने पर मेघवाल ने कहा, 'मैं कानून मंत्री हूं, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता।'
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ छह याचिका पर कर रही सुनवाई
उन्होंने कहा, 'लेकिन जो भी फैसला लिया जाएगा, अगर सरकार से हलफनामा या कुछ और मांगा जाएगा, तो राष्ट्रहित में कार्रवाई की जाएगी।' साल 1991 में लागू किया गया पूजा स्थल अधिनियम देश में सभी पूजा स्थलों के धार्मिक चरित्र को उसी तरह बनाए रखने के लिए लाया गया था, जैसा कि 15 अगस्त, 1947 को था, जिसमें अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल को छूट दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ छह याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें वकील अश्विनी उपाध्याय की तरफ से दायर की गई मुख्य याचिका भी शामिल है, जिसमें पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के कई प्रावधानों को चुनौती दी गई है।
लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने फर्जी कहानी फैलाई- मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दलों पर 'फर्जी प्रचार' फैलाने के लिए भी निशाना साधा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अगर दोबारा सत्ता में आई तो संविधान बदल देगी। उन्होंने कहा, '2024 में एक फर्जी कहानी फैलाई गई कि भाजपा संविधान बदलने के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगी। यह एक फर्जी कहानी थी।' वहीं न्यायिक सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून लंबित मामलों से निपटने में भी मदद करेंगे।
विज्ञापन
'बैठकें हो रही हैं, फील्ड विजिट भी किए गए हैं'
उन्होंने कहा, 'जब विधेयक पेश किया गया था, तो मांग की गई थी कि इसे समिति के पास भेजा जाना चाहिए, इसलिए जेपीसी का गठन किया गया। बैठकें हो रही हैं, फील्ड विजिट भी किए गए हैं और काम अच्छी गति से चल रहा है। आप यह नहीं कह सकते कि प्रक्रिया धीमी है।' अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश किए जाने के समय ही इस पर सरकार की भावनाओं के बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा, 'इसमें किसी तरह के संदेह की जरूरत नहीं है। बहुत जल्द ही संसद में सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे।'
विज्ञापन
पूजा स्थल अधिनियम पर टिप्पणी करने से किया इनकार
वहीं केंद्रीय मंत्री ने 'न्यायालय में विचाराधीन' पूजा स्थल अधिनियम पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट केंद्र से हलफनामा दाखिल करने को कहता है तो केंद्र सरकार 'राष्ट्रीय हित' में हलफनामा दाखिल करेगा। पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम में बदलाव की कोई योजना है या नहीं, यह पूछे जाने पर मेघवाल ने कहा, 'मैं कानून मंत्री हूं, यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता।'
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ छह याचिका पर कर रही सुनवाई
उन्होंने कहा, 'लेकिन जो भी फैसला लिया जाएगा, अगर सरकार से हलफनामा या कुछ और मांगा जाएगा, तो राष्ट्रहित में कार्रवाई की जाएगी।' साल 1991 में लागू किया गया पूजा स्थल अधिनियम देश में सभी पूजा स्थलों के धार्मिक चरित्र को उसी तरह बनाए रखने के लिए लाया गया था, जैसा कि 15 अगस्त, 1947 को था, जिसमें अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल को छूट दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की एक विशेष पीठ छह याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, जिसमें वकील अश्विनी उपाध्याय की तरफ से दायर की गई मुख्य याचिका भी शामिल है, जिसमें पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 के कई प्रावधानों को चुनौती दी गई है।
लोकसभा चुनाव में विपक्ष ने फर्जी कहानी फैलाई- मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान विपक्षी दलों पर 'फर्जी प्रचार' फैलाने के लिए भी निशाना साधा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अगर दोबारा सत्ता में आई तो संविधान बदल देगी। उन्होंने कहा, '2024 में एक फर्जी कहानी फैलाई गई कि भाजपा संविधान बदलने के लिए लगातार तीसरी बार सत्ता में आएगी। यह एक फर्जी कहानी थी।' वहीं न्यायिक सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानून लंबित मामलों से निपटने में भी मदद करेंगे।