कोरोनावायरस : दवा-टीके पर चल रहा काम, अगले साल तक तैयार होने की उम्मीद
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर और रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन के लिए चयनित पहली भारतीय महिला प्रो. गगनदीप कांग ने कहा है कि जो लोग कोरोनावायरस से पीड़ित मिले हैं वे इलाज और देखरेख से ठीक हो जाएंगे। भारतीय लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया, इस संक्रमण से बचाव के लिए दवाओं और टीके पर काम चल रहा है और उम्मीद है कि अगले साल तक ये तैयार हो जाएगी।
कांग ने कहा, रोग का परीक्षण और जांच तभी कराएं जब डॉक्टर सलाह दे। बुखार और खांसी के लिए पैरासीटामॉल के अलावा कोई दवा लेने की जरूरत नहीं है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी दवा बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। उन्होंने कहा, इससे बचने के लिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। हाथ अच्छे से साफ करें। चेहरा छूने से बचें।
बुजुर्ग लोग अधिक सावधानी बरतें
कोरोना से बचाव के लिए सभी को ध्यान देना होगा। बुजुर्ग लोग या जिन्हें हृदय रोग, हाईपरटेंशन या मधुमेह है उन्हें अपना खास खयाल रखना होगा। कांग ने बताया, कोरोना से अगर कोई व्यक्ति संक्रमित हो गया है तो इसका मतलब ये नहीं कि उसकी हालत गंभीर हो जाएगी।
इन बातों का ध्यान रखें
- संक्रमण का लक्षण दिखे तो डॉक्टर को बताएं।
- बुखार-खांसी है तो घर से काम करने की कोशिश करें।
- जो खांस या छींक रहे हैं उनसे 6 से 10 फीट दूर रहें।
- कोरोना के लक्षण दिखे तो खुद से दवा बिलकुल न लें।
- लक्षण या रोग की पुष्टि होने पर खुद को आइसोलेट करें।
उम्मीद : गर्मी बढ़ते ही कम होगा असर
दुनियाभर में दहशत फैला रहे कोरोनावायरस का असर गर्मी बढ़ते ही कम हो सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएआई) के प्रमुख जीएसजी अयंगर ने कहा है कि जैसे ही तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस के पास जाएगा वायरस पूरी तरह खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, वायरस को लेकर सब वैज्ञानिकों पर छोड़ दें और भगवान से दुआ करें की सर्दी खत्म हो और तापमान में बढ़ोतरी हो।
अयंगर ने कहा, यह वायरस अधिक तापमान में जीवित नहीं रह सकता। यह जानवरों से फैलने वाला वायरस है। साफ-सफाई के साथ अगर सावधानी बरती जाए तो संक्रमण से बचाव संभव है। इसके साथ ही उन्होंने कहा, चिकन, मटन और सी-फूड से कोरोना के फैलने का अभी तक प्रमाण नहीं मिला है। इस बीच, ऑल इंडिया पोल्ट्री ब्रीडर्स एसोसिएशन ने पशुपालन मंत्रालय को बताया है कि कोरोना के चलते पोल्ट्री फॉर्म इंडस्ट्री को 1,750 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है।