{"_id":"5831ad174f1c1bb504b397f6","slug":"women-rescued-from-smugglers","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करों से छुड़ाई गई महिलाओं पर नोटबंदी की मार","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
तस्करों से छुड़ाई गई महिलाओं पर नोटबंदी की मार
एजेंसी/ पणजी
Updated Sun, 20 Nov 2016 07:33 PM IST
विज्ञापन
rape
- फोटो : File Photo
गोवा में तस्करों से छुड़ाई गई महिलाओं पर 500 और 1000 रुपये के नोटों अमान्य घोषित किए जाने के बाद पैदा हुई नकदी संकट की मार पड़ रही है, क्योंकि इस महिलाओं के पास बैंक खाता नहीं है। उनके कहीं आने-जाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इस वजह से अपने बड़े नोटों को बदलवा भी नहीं पा रही हैं।
विज्ञापन
इन महिलाओं की दुर्दशा को गोवा के स्वयंसेवी संस्था एआरजेड (अन्यन रहित जिंदगी) ने उजागर किया है। संस्था ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पीएम को लिखे पत्र में संस्था के निदेशक अरुण पांडे ने कहा है कि देह व्यापार से मुक्त कराई गई महिलाएं देश के विभिन्न हिस्सों में सरकारी और गैर-सरकारी आश्रय गृहों में रखी गई हैं।
विज्ञापन
सुरक्षा कारणों से उन्हें आश्रय गृह के बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाती। इनमें से अधिकांश महिलाओं के पास बैंक खाता नहीं है। इस वजह से वह अपने 500 और 1000 के नोटों को बदलवा नहीं पा रही हैं।
विज्ञापन
ऐसे में इन महिलाओं के पास जो थोड़े-बहुत पैसे हैं वे भी बेकार होने वाले हैं। ये पैसे उन्हें पुलिस और स्वयंसेवी संस्थाओं की मध्यस्थता की वजह से तस्करों अथवा वेश्यालय चलाने वालों से मिले थे। पांडे ने पीएम को लिखे पत्र में उनसे मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने ऐसी व्यवस्था करने का अनुरोध किया है जिससे कि इन महिलाओं को नोटबंदी की मार से बचाया जा सके।