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मथुरा हिंसा: गिरफ्तार युवतियों के टूट रहे रिश्ते, ससुरालों में भी तूफान

Fri, 24 Jun 2016 09:35 AM IST
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मथुरा
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मथुरा Updated Fri, 24 Jun 2016 09:35 AM IST
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Women in Custody after Mathura Violence face trouble

मथुरा के जवाहर बाग से गिरफ्तार महिलाओं और युवतियों पर दोहरी मार पड़ी है। ये घर से कोसों दूर जेल में बंद हैं, वहीं परिवार वालों ने भी मुंह मोड़ लिया है। शादीशुदा महिलाओं के ससुरालीजन भी जमानत कराने के लिए तैयार नहीं हैं। जबकि कई युवतियों का रिश्ता टूट गया है। दो लड़कियों की शादी तो जुलाई में ही होनी थी। लेकिन वह सलाखों के पीछे हैं। कुछ दिन तो परिवार वाले लड़के वालों से यह बात छुपाए रहे लेकिन जब उन्हें युवती के जेल में होने की बात पता चली तो शादी से इंकार कर दिया गया।

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जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष ने बाबा जयगुरुदेव के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया था। जयगुरुदेव के अनुयायियों को उसने यह कहकर बरगलाया कि जयगुरुदेव जवाहर बाग में दर्शन देंगे। 
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जालसाज रामवृक्ष की बातों में जो आ गया वह जवाहर बाग पहुंच गया। महिलाओं की भी एक बड़ी संख्या थी। सबसे ज्यादा महिलाएं और युवतियां कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुजफ्फरपुर, चंदौली, बदायूं, कानपुर, गोरखपुर, झांसी, उन्नाव, मिर्जापुर, ललितपुर, सीतापुर, बरेली से यहां पहुंची थीं। 

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Women in Custody after Mathura Violence face trouble

दो जून को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने यहां से 96 महिलाओं और युवतियों को गिरफ्तार किया था। इनमें कई महिलाएं तो ऐसी थीं जो अपने ससुराल वालों के विरोध पर भी जवाहर बाग आ गईं थीं। अब इनकी जमानत कराने वाला कोई नहीं है। ससुरालीजन ने मुंह मोड़ लिया है। कन्नौज के एक गांव से पहुंचे किशोरी सिंह की बहू भी जेल में बंद है। बोले, मैं तो पोते से मिलने आया था। बहू से हमारा कोई मतलब नहीं है। हमने लाख समझाया कि जयगुरुदेव अब नहीं हैं लेकिन गांव की दूसरी महिलाओं के साथ यहां आ गईं।

दुष्यंत कुमार भी कलक्ट्रेट पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट आफिस के बाहर लगी सूची को देख रहे थे। जब उनसे पूछा गया तो बोले, बहू का पता चल गया है। जेल में बंद है। जो बुजुर्गों की नहीं मानते उन्हें यही सजा मिलती है। कोई मरने के बाद भी वापस आता है क्या। झारखंड से आए रामखिलावन की भी बहू यहां जेल में है। बोले, मन तो नहीं कर रहा कि  जमानत कराएं लेकिन क्या करें यही समाज ताने देगा।

जेल में बंद कई युवतियों की तो शादी टूट गई है। बेटी की जमानत के लिए दौड़भाग कर रहे भगवंत सिंह का कहना था कि जुलाई में शादी होनी थी। अब लड़के वालों को पता चल गया है तो उन्होंने शादी से इंकार कर दिया है। सीतापुर की मनोरमा देवी और उसकी मां भी जेल में हैं। मनोरमा की भी शादी तय हो गई थी। लड़के वालों को अभी तक नहीं पता है। बिहार के एक जनपद की युवती की भी जुलाई में शादी थी जो अब टूट गई है।

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