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अस्पताल में मदद के लिए नहीं आया कोई डॉक्टर-कर्मचारी, महिला को खुद करनी पड़ी अपनी डिलीवरी
Tue, 04 Jun 2019 01:57 PM IST
शिल्पा ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिल्पा ठाकुर
Updated Tue, 04 Jun 2019 01:57 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
महाराष्ट्र के नागपुर में एक 23 साल की गर्भवती महिला शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती थी। उसने सोमवार को बिना किसी चिकित्सा सहायता के अपनी डिलीवरी खुद की है। वो दर्द के कारण रो रही थी लेकिन कोई भी अस्पताल का कर्मचारी उसकी मदद के लिए नहीं आया।
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सुकेश्नी श्रीकांत नामक ये महिला साउथ नागपुर इलाके के हुदकेश्वर की रहने वाली है। गर्भवती होने के बाद से उसका इसी सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा था। वो पहली बार मां बनी है। शनिवार की शाम तबीयत खराब होने पर उसे भर्ती कराया गया। सुकेश्नी को अस्पताल पहुंचने पर जमीन पर लेटना पड़ा। जब उसके रिश्तेदारों ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की तो उसे महिला वार्ड में पलंग मिल गया।
उसके रिश्तेदारों के अनुसार, रविवार शाम उसे लेबर पेन शुरू हुआ तो उसे प्रसव वार्ड में ले जाया गया। दर्द कम होने पर डॉक्टर वार्ड से बाहर आ गए। जब आधी रात को सुकेश्नी को दोबारा दर्द शुरू हुआ तो वो वार्ड में अकेली थी। वो मदद की मांग रही थी। जिसके चलते एक अन्य मरीज की रिश्तेदार जाग गई। उस शख्स ने देखा कि सुकेश्नी का बच्चा खुद ही गर्भ से बाहर आ रहा है। फिर उसी ने सुकेश्नी की मदद की। वो दर्द सहन नहीं कर पा रही थी लेकिन फिर भी उसे सब सहना पड़ा। आखिर में उसने खुद ही अपनी डिलीवरी की।
इसके बाद सुकेश्वी की मां भी वहां आ गईं, उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद नर्स को उठाया। नर्स ने प्राथमिक उपचार तो किया लेकिन सुकेश्नी को उसके नवजात बच्चे के साथ जमीन पर सोने को कह दिया। सोमवार तक वो बच्चे के साथ जमीन पर थी। लेकिन उसी दिन उसके रिश्तेदारों ने एक बार फिर इसकी शिकायत की जिसके बाद एक बार फिर उसे पलंग मिल गया।
सुकेश्नी के पति श्रीकांत की मांग है डॉक्टरों और नर्स को लापरवाही बरतने के लिए सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में मेडिकल प्रशासन से शिकायत भी की है। मेडिकल कॉलेज के एक्टिव डीन एनजी त्रिपुदे ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा, "हमने जांच के लिए तीन सदस्यों की कमिटि बनाई है और उन्हें जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।" उनका कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद जो भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी।