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16 साल के इंतजार के बाद संसदीय चुनाव में पहली बार मतदान करेगी देश की 'बहू', पाक में हुआ था जन्म
Fri, 05 Apr 2019 07:20 PM IST
Gaurav Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरदासपुर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरदासपुर (पंजाब)
Published by: Gaurav Pandey
Updated Fri, 05 Apr 2019 07:20 PM IST
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ताहिरा मकबूल का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, लेकिन 2003 में भारतीय नागरिक से शादी होने के बाद वह यहीं बस गईं। वह 16 साल बाद पहली बार लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगी।
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सैंतीस साल की मकबूल 12 मई को गुरदासपुर लोकसभा सीट पर होने वाले चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगी। ताहिरा मकबूल ने कहा कि यह पल 16 साल बाद आएगा, जब वह पहली बार भारतीय आम चुनाव में अपने पसंद के उम्मीदवार को वोट देंगी।
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उन्होंने कहा, ‘मैं सरकार की कठोर और बेमतलब की नीतियों की वजह से पाकिस्तान में कभी वोट नहीं डाल पाई। मेरा वोट डालने का ख्वाब 13 साल के लंबे इंतजार के बाद 2017 के पंजाब विधानसभा चुनाव में खत्म हुआ जब मैंने पहली बार अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। अब मैं पहली बार संसदीय चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करूंगी।’
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ताहिरा मकबूल ने कहा, ‘यह मेरा हक है। मैं पक्के तौर पर उसी उम्मीदवार को वोट दूंगी जो भारत को ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखता हो।’ ताहिरा मबकूल दिसंबर 2003 में पाकिस्तान के फैसलाबाद से भारत आई थीं और भारतीय नागरिक मकबूल अहमद के साथ शादी के बाद गुरदासपुर के छोटे से शहर कादियान में बस गई थी।
वह अब भारतीय नागरिक हो चुकी हैं उन्हें यहां शादी के बाद पेश आई परेशानियां बखूबी याद हैं। तीन बच्चों की मां ताहिरा ने कहा, ‘मुझे करीब आठ महीने बाद भारतीय वीजा मिला और यह 13 साल में 13 बार बढ़ाया गया। यह एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि कई पाबंदियों का पालन करना मुश्किल था, जिनमें कई शहरों में सीमित पहुंच थी और अमृतसर जाने के लिए इजाजत लेनी होती थी।’
ताहिरा मकबूल ने 2011 में भारतीय संविधान के प्रति वफादार रहने की कसम खाई और अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पांच साल बाद, अप्रैल 2016 में उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया।