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WMO का दावा: ला नीना के बावजूद सितंबर में सामान्य से अधिक रहेगा तापमान, जलवायु पैटर्न को करेगा प्रभावित

Wed, 03 Sep 2025 07:42 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Wed, 03 Sep 2025 07:42 AM IST
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WMO claims: Despite La Nina, temperatures will remain higher than normal in September, affect climate patterns
ला नीना - फोटो : Adobe Stock

ला नीना मौसम और जलवायु पैटर्न को प्रभावित करने के लिए सितंबर से वापस आ सकता है। इसके प्रभाव से अस्थायी तौर पर कुछ समय के लिए मौसम में ठंडक रह सकती है, लेकिन दुनिया के अधिकतर भागों में वैश्विक तापमान औसत से अधिक बना रहेगा। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने कहा कि ला नीना और अल नीनो प्रशांत महासागर के जलवायु चक्र के दो विपरीत पहलू हैं। अल नीनो के प्रभाव में पेरू के निकट समुद्री जल गर्म हो जाता है और इसके असर से भारत में अक्सर मानसून कमजोर होता है और सर्दियां अधिक गर्म होती हैं। ला नीना में समुद्री जल ठंडा रहता है, जिससे आमतौर पर भारत का मानसून मजबूत होता है और सर्दियों में अधिक ठंड पड़ती है।

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डब्ल्यूएमओ ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा है कि ला नीना और अल नीनो जैसी प्राकृतिक रूप से घटित होने वाली जलवायु घटनाएं मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन के व्यापक संदर्भ में घटित हो रही हैं। इससे वैश्विक तापमान बढ़ रहा है, चरम मौसम में तीव्रता आ रही है और मौसमी वर्षा तथा तापमान पैटर्न में बदलाव आ रहा है। 

इस साल मार्च से तटस्थ स्थितियां (न अल नीनो और न ही ला नीना) बनी हुई हैं। भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में असामान्यताएं औसत के आसपास बनी हुई हैं। इसमें कहा गया है कि सितंबर से ये स्थितियां धीरे-धीरे ला नीना का रूप ले सकती हैं। 

 
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समुद्र की सतह के ठंडा रहने की संभावना
डब्ल्यूएमओ के मौसमी पूर्वानुमान के लिए वैश्विक उत्पादन केंद्रों के पूर्वानुमानों के अनुसार, भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान के ला नीना स्तर तक ठंडा होने की 55 प्रतिशत संभावना है और सितंबर-नवंबर 2025 की अवधि के दौरान ईएनएसओ-तटस्थ स्तर पर बने रहने की 45 प्रतिशत संभावना है। अक्तूबर-दिसंबर 2025 के लिए ला नीना की संभावना लगभग 60 प्रतिशत तक बढ़ जाती है, जबकि अल नीनो की संभावना कम रहती है।

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अल नीनो और ला नीना अहम जलवायु उपकरण
डब्ल्यूएमओ के महासचिव सेलेस्टे साउलो ने कहा, अल नीनो और ला नीना महत्वपूर्ण जलवायु खुफिया उपकरण हैं। इनसे कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लाखों डॉलर की आर्थिक बचत हुई और तैयारी और प्रतिक्रिया कार्यों में इनका उपयोग करने से हजारों लोगों की जान बच गई है। डब्ल्यूएमओ के वैश्विक मौसमी जलवायु अपडेट में अन्य परिवर्तनशीलता पैटर्न, जैसे उत्तरी अटलांटिक दोलन, आर्कटिक दोलन और हिंद महासागर द्विध्रुव को भी शामिल किया गया है।

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