फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Without salary, maths teacher Mohammad Faizi sells bags for living

Covid-19: दो बेटियों की फीस भी नहीं भर पाए गणित शिक्षक, मार्च से नहीं मिला वेतन, बैग बेचने को मजबूर

Wed, 26 Aug 2020 06:33 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मुकेश कुमार झा Updated Wed, 26 Aug 2020 06:33 PM IST
विज्ञापन
Without salary, maths teacher Mohammad Faizi sells bags for living
कोरोना वायरस - फोटो : PTI

कोरोनो महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन के चलते बहुत से लोगों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों की नौकरी चली गई है तो कइयों ने अपना रोजगार ही बदल दिया। कोरोना काल में बेरोजगार हुए लोगों का आलम यह है कि एक गणित शिक्षक को बैग बेचने पर मजबूर होना पड़ा। दरअसल, मामला राजधानी दिल्ली का है। गणित शिक्षक का नाम मोहम्मद फैजी है। मोहम्मद फैजी को मार्च से वेतन नहीं मिला है। वेतन न मिलने की वजह से वह अपनी दो बेटियों की स्कूली फीस भी नहीं जमा कर पाए।

विज्ञापन


जीविका चलाने के लिए बेचने लगे बैग
मोहम्मद फैजी अब अपनी जीविका चलाने के लिए दिल्ली के दिलशाद गार्डन में साप्ताहिक बाजार में कपड़े के बैग बेचने लगे हैं। कोरोना लॉकडान के चलते दिल्ली में मार्च के अंत से साप्ताहिक बाजार बंद थे और वे सोमवार को खुले। दिल्ली सरकार ने प्रायोगिक आधार पर 30 अगस्त तक उन्हें खुलने की इजाजत दी है। फैजी अपने बुजुर्ग माता-पिता, पत्नी और पांच एवं दस साल की दो बेटियों के साथ शाहदरा में दो कमरे के मकान में रहते हैं। वह एक निजी विद्यालय में छठी से लेकर आठवीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों को गणित पढ़ाते हैं। लॉकडाउन के बाद वह बिना किसी वेतन के ऑनलाइन क्लास लेने लगे। 
विज्ञापन


'मैं अपनी बेटियों की स्कूल फीस भी नहीं जमा कर सका'
फैजी ने कहा, 'मेरे दोस्तों ने वित्तीय रूप से मेरी मदद की लेकिन मैं उनसे और मांग भी नहीं कर सकता। हम किसी तरह काम चला रहे हैं। मैं अपनी बेटियों की स्कूल फीस भी नहीं जमा कर सका, इसलिए मैं उन्हें खुद ही पढ़ा रहा हूं।' उन्होंने आगे कहा कि मेरे दोस्त ये बैग बनाते हैं। उन्होंने सुझाव किया मैं बाजार में इन्हें बेचूं और मुनाफा कमाऊं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना के कारण कई परिवार हो गए बेरोजगार
गणित शिक्षक फौजी ने कहा, 'कोरोना महामारी के कारण कई परिवार बेरोजगार हो गए। मुझ जैसे लोग अपने बच्चों की स्कूल फीस नहीं दे पाए। स्कूल भी शिक्षकों का वेतन देने में कठिनाई झेल रहे हैं। मैं दिन के समय पढ़ाना चाहता हूं और शाम के समय कुछ और करना चाहता हूं ताकि अपनी जरूरतें पूरी कर पाऊं। यही वजह है कि साप्ताहिक बाजार अच्छा विचार जान पड़ा।' फौजी चाहते हैं कि उनका परिवार सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है, मैं उनमें से एक हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed