{"_id":"5a50280c4f1c1b9b518b5282","slug":"winter-season-entered-in-the-pages-of-history","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ शीतसत्र, तीन तलाक और जीएसटी संशोधन बिल नहीं हुआ पास ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ शीतसत्र, तीन तलाक और जीएसटी संशोधन बिल नहीं हुआ पास
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 06 Jan 2018 09:20 AM IST
विज्ञापन
Women reservation should be given respectfully: Lok Sabha Speaker
तीन तलाक बिल भले ही राज्य सभा की देहरी नहीं लांघ पाया हो। बावजूद इसके इस बिल को संसद में पेश किए जाने के चलते यह शीतकालीन सत्र इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। तीन तलाक और जीएसटी संशोधन बिल पास नहीं होने के साथ शुक्रवार को शीत सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। हालांकि इस दौरान लोकसभा ढमें कुल 12 और राज्यसभा में नौ बिल पारित हुए। वहीं लोकसभा में 14 घंटे 51 मिनट और राज्यसभा में 41 घंटे हंगामें की भेंट चढ़ गए। सत्र के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
उच्चसदन में अल्पमत होने पर सरकार इस शीत सत्र में भले ही तीन तलाक बिल को पास नहीं करा पाई हो, लेकिन दोनों सदनों में इस बिल को पटल पर रखना और लोकसभा में इसे पारित कराना ही इस सत्र और सरकार की बड़ी उपलब्धि बन गया है। बहुमत में होने के चलते निचले सदन में सरकार को बिलों को पारित कराने में कोई दिक्कत नहीं आई। यहां कुल 16 बिल रखे गए जिसमें 12 पारित हो गए।
पढ़ें- नए कानून का खौफ: तीन तलाक देने के बाद बीवी को फिर ले आया घर
विज्ञापन
इनमें तीन तलाक, जीएसटी संशोधन, केंद्रीय सड़क निधि, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता संशोधन, जज वेतन व सेवा शर्त संशोधन बिलों का पारित होना प्रमुख है। हालांकि लोकसभा में ओबीसी संविधान संशोधन बिल पेश होने के बावजूद पास नहीं हो सका। राज्यसभा में नौ बिल पास हुए, लेकिन तीन तलाक बिल सदन की संपत्ति बनकर रह गया और जीएसटी संशोधन बिल भी पास नहीं हो पाया।
विज्ञापन
उच्चसदन में अल्पमत होने पर सरकार इस शीत सत्र में भले ही तीन तलाक बिल को पास नहीं करा पाई हो, लेकिन दोनों सदनों में इस बिल को पटल पर रखना और लोकसभा में इसे पारित कराना ही इस सत्र और सरकार की बड़ी उपलब्धि बन गया है। बहुमत में होने के चलते निचले सदन में सरकार को बिलों को पारित कराने में कोई दिक्कत नहीं आई। यहां कुल 16 बिल रखे गए जिसमें 12 पारित हो गए।
विज्ञापन
पढ़ें- नए कानून का खौफ: तीन तलाक देने के बाद बीवी को फिर ले आया घर
विज्ञापन
इनमें तीन तलाक, जीएसटी संशोधन, केंद्रीय सड़क निधि, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता संशोधन, जज वेतन व सेवा शर्त संशोधन बिलों का पारित होना प्रमुख है। हालांकि लोकसभा में ओबीसी संविधान संशोधन बिल पेश होने के बावजूद पास नहीं हो सका। राज्यसभा में नौ बिल पास हुए, लेकिन तीन तलाक बिल सदन की संपत्ति बनकर रह गया और जीएसटी संशोधन बिल भी पास नहीं हो पाया।
Trending Videos
हंगामे की भेंट चढ़े 55 घंटे 51 मिनट
gst lok sabha
- फोटो : PTI
इस शीत सत्र में विपक्ष के हंगामे के चलते कुल 55 घंटे 51 मिनट का कार्य बाधित रहा। विपक्ष के बहुमत में होने के चलते राज्यसभा में 41 घंटे हंगीमे की भेंट चढ़ गए, जबकि लोकसभा में 14 घंटे 51 मिनट कार्य नहीं हो सका। हालांकि स्पीकर सुमित्रा महाजन ने जानकारी दी कि लोकसभा में आठ घंटे 10 मिनट महत् वपूर्ण मुद्दों पर अतिरिक्त चर्चा हुई। लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान 280 तारांकित प्रश्न रखे गए इनमें 45 का मौखिक न्त्तर दिया गया।
शून्य काल के दौरान सांसदों ने 198 मामले जनहित मुद्दों के उठाए। सदन में स्पीकर की ओर से लोकसभा की कार्यवाही की जानकारी देने के दौरान जब कार्य बाधा का जिक्र छिड़ा तब सत्ता पक्ष ने कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े का नाम लेकर चुटकी ली। स्पीकर ने भी धन्यवाद के दौरान जब खडग़े का नाम लिया तो उन्होंने मजाक में जोर देकर कहा कि खडग़े जी का नाम ले रही हूं, बहुत अच्छा साथ दिया है।
29 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
शीत सत्र समाप्त होते ही संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने आगामी बजट सत्र की भी घोषणा कर दी है। इस सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होगा और नौ फरवरी तक चलेगा। इस दौरान एक फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से बजट पेश किया जाएगा। सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च से छह अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र केदौरान ही एक बार फिर राज्यसभ में तीन तलाक बिल पर चर्चा शुरू होगी।
हेमंत रस्तोगी
शून्य काल के दौरान सांसदों ने 198 मामले जनहित मुद्दों के उठाए। सदन में स्पीकर की ओर से लोकसभा की कार्यवाही की जानकारी देने के दौरान जब कार्य बाधा का जिक्र छिड़ा तब सत्ता पक्ष ने कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े का नाम लेकर चुटकी ली। स्पीकर ने भी धन्यवाद के दौरान जब खडग़े का नाम लिया तो उन्होंने मजाक में जोर देकर कहा कि खडग़े जी का नाम ले रही हूं, बहुत अच्छा साथ दिया है।
29 जनवरी से शुरू होगा बजट सत्र
शीत सत्र समाप्त होते ही संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने आगामी बजट सत्र की भी घोषणा कर दी है। इस सत्र का पहला चरण 29 जनवरी से शुरू होगा और नौ फरवरी तक चलेगा। इस दौरान एक फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से बजट पेश किया जाएगा। सत्र का दूसरा चरण पांच मार्च से छह अप्रैल तक चलेगा। बजट सत्र केदौरान ही एक बार फिर राज्यसभ में तीन तलाक बिल पर चर्चा शुरू होगी।
हेमंत रस्तोगी