फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Will the Central Government agree to reduce the restoration period for Commuted Pension from 15 to 12 years?

Pension: क्या कम्युटेड 'पेंशन' की बहाली की अवधि घटाने पर राजी होगी केंद्र सरकार, 15 से 12 वर्ष करने की मांग

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 06 Jan 2025 04:38 PM IST
सार

Pension: कॉन्फेडरेशन के महासचिव एसबी यादव ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई कम्युटेशन तालिका प्रदान करने का अनुरोध किया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि पिछले 38 वर्षों के दौरान कम्यूटेशन तालिका के कई पैरामीटर बदल गए हैं। विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संघों के अलावा राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) का कर्मचारी पक्ष भी उक्त मांग को उठा चुका है। आइए इस बारे में और जानें।

विज्ञापन
Will the Central Government agree to reduce the restoration period for Commuted Pension from 15 to 12 years?
पेंशन - फोटो : amarujala.com

विस्तार

केंद्र सरकार में लगभग सात लाख कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 'कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स' ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर पेंशन के कम्युटेशन की बहाली की अवधि को 15 वर्ष से घटाकर 12 वर्ष करने की मांग की है। कॉन्फेडरेशन के महासचिव एसबी यादव ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई कम्युटेशन तालिका प्रदान करने का अनुरोध किया है। इसके पीछे यह तर्क दिया गया है कि पिछले 38 वर्षों के दौरान कम्यूटेशन तालिका के कई पैरामीटर बदल गए हैं। विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संघों के अलावा राष्ट्रीय परिषद (जेसीएम) का कर्मचारी पक्ष भी उक्त मांग को उठा चुका है।

विज्ञापन


बता दें कि कम्युटेशन ऑफ पेंशन रिटायरमेंट के दौरान एक कर्मचारी को जितनी बेसिक पेंशन मिलती है, वह उसका 40 फीसदी कम्यूट करा सकता है। मतलब, कर्मचारी अपनी सात वर्ष की पेंशन का 40 फीसदी हिस्सा सरकार से एडवांस में ले लेता है। सरकार हर साल उसकी पेंशन से 8 हजार रुपए काटकर एडवांस में दी गई पेंशन को रिकवर करती है। पहले इस राशि की कटौती पेंशनधारक की पेंशन से आखिर तक होती थी। नई व्यवस्था में इस राशि की रिक्वरी, रिटायरमेंट के 15 साल तक की जाती है। इसके बाद कर्मचारी को उसकी फुल पेंशन का भुगतान किया जाने लगता है। केंद्र सरकार के कर्मचारी, अपनी पेंशन के 40 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से को एकमुश्त भुगतान में बदल सकते हैं। अगर कोई कर्मचारी सेवानिवृत्ति के एक साल के अंदर कम्युटेशन का विकल्प चुनता है, तो उसे मेडिकल जांच करानी नहीं होती। 
विज्ञापन

कम्युटेशन के बाद, पेंशन की राशि में कटौती उस तारीख से लागू होती है, जब बैंक आवेदक के खाते में कम्युटेड पेंशन जमा करता है। कम्युटेड पेंशन का प्रतिशत, पेंशन के अधिकतम एक-तिहाई हिस्से तक सीमित होता है। अगर कोई कर्मचारी 12A के तहत कम्युटेड पेंशन लेता है, तो उसे सेवानिवृत्ति के 15 साल बाद पूरी पेंशन का फायदा मिलता है। संयुक्त सलाहकार मशीनरी (जेसीएम) की राष्ट्रीय परिषद (कर्मचारी पक्ष) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों से संबंधित विभिन्न लंबित मुद्दों को लेकर सरकार के समक्ष 14 मांगें प्रस्तुत की थी। उनमें से एक मांग यह भी थी कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पेंशन के परिवर्तित हिस्से की बहाली की समयावधि को मौजूदा 15 साल से घटाकर 12 साल कर देना चाहिए। सरकार, 11 वर्षों के भीतर ब्याज सहित पूरी परिवर्तित पेंशन की वसूली कर लेती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन



कई राज्य सरकारें 12 साल के बाद पेंशन के परिवर्तित हिस्से को बहाल कर रही हैं। पेंशनभोगियों से 15 वर्ष तक 40 प्रतिशत परिवर्तित पेंशन वसूलने का कोई औचित्य नहीं है। ऐसे में सरकार संराशीकृत पेंशन को संराशीकरण की तारीख से 12 वर्ष के बाद बहाल करे। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लाइज एंड वर्कर्स के महासचिव एसबी यादव ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई कम्यूटेशन तालिका प्रदान करने का अनुरोध किया है। परिसंघ ने सरकार का ध्यान केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन का कम्युटेशन) नियम, 1981 के नियम 10 ए में संशोधन करके 15 वर्षों के बाद पेंशन के कम्युटेशन की बहाली के संबंध में भारत सरकार द्वारा वर्ष 1986 में जारी आदेशों की ओर आकर्षित किया है। 
उक्त नियम 38 वर्ष पहले 1986 में बनाए गए थे। वर्ष 1986 में प्रचलित मापदंडों की तुलना में, वर्तमान मापदंडों में भारी बदलाव आया है, विशेष रूप से ब्याज दर, जीवन प्रत्याशा, मृत्यु दर, मृत्यु दर, वास्तविक मूल्य और जोखिम कारक, इनमें परिवर्तन देखा गया है। यद्यपि कम्युटेशन वैकल्पिक है, सरकार को एक 'मॉडल नियोक्ता' होने के नाते इसे एक कल्याण के रूप में देखना चाहिए, न कि लाभ कमाने के उपाय के रूप में। पेंशनभोगी केवल अपनी वित्तीय प्रतिबद्धताओं के लिए संराशीकरण का लाभ उठाता है। अपने उन कर्मचारियों के प्रति सरकार की नीति, जिन्होंने 30 वर्षों से अधिक समय तक राष्ट्र निर्माण के लिए सेवा की है, अपने कर्मचारियों, विशेषकर पेंशनभोगियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण होनी चाहिए। एक मॉडल नियोक्ता के रूप में, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार के लिए लाभ कमाने की अवधारणा कम्यूटेशन कारक को ठीक करने और पेंशन के कम्युटेड मूल्य की बहाली के लिए मानदंड नहीं होनी चाहिए।
 
कई विशेषज्ञ निकायों ने इस बाबत सिफारिशें की हैं। केरल सरकार ने 12 साल की बहाली को अपनाया है। हाल ही में इन सभी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद, गुजरात सरकार ने 13 साल की बहाली जारी की है। 5वें सीपीसी ने पैरा संख्या 136.10 (पेज 1822) के तहत गहन अध्ययन के बाद 12 साल के लिए कम्युटेशन की बहाली की सिफारिश की थी। केंद्र सरकार ने इस रिपोर्ट को न तो स्वीकार किया है और न ही अस्वीकृति के कारणों की जानकारी देते हुए इसे अस्वीकार किया है। आईआरडीए की मंजूरी के साथ भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के तहत स्थापित भारतीय बीमांकिक संस्थान, हर आठ साल यानी 2004, 2013 और 2021 में मृत्यु दर तालिकाओं का पुनर्निर्माण कर रहा है। वर्ष 2020 में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त द्वितीय राष्ट्रीय न्यायिक राष्ट्रीय वेतन आयोग ने आईपीएस के मामले में पेंशन के परिवर्तित मूल्य की 12 साल की बहाली की सिफारिश की है।

 
कम्युटेशन राशि प्रदान करते समय और कम्युटेशन तालिका तैयार करने के दौरान जोखिम कारक को पहले से ही ध्यान में रखा जाता है। 1986 से 2023 के बीच जीवन प्रत्याशा बढ़ रही है। जनगणना विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जीवन प्रत्याशा जो 1986 में 57.7 वर्ष थी, 2023 में 70.42 वर्ष हो गई है, इसलिए पिछले कुछ वर्षों में जोखिम कारक कम हो गया है। सरकार को अपने उन कर्मचारियों के प्रति, जिन्होंने 30 वर्षों से अधिक समय तक राष्ट्र निर्माण में सेवा की है, नीति अधिक सहानुभूतिपूर्ण होनी चाहिए। 12 वर्षों के बाद पेंशन के परिवर्तित मूल्य की बहाली उपरोक्त दिए गए औचित्य के मद्देनजर उचित है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed