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क्या सूर्य की किरणें कोरोना वायरस से बचा सकती हैं?
Tue, 21 Apr 2020 03:11 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 21 Apr 2020 03:11 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी का एक प्रारंभिक शोध कथित तौर से लीक हो गया और याहू न्यूज ने उसे छाप दिया। इस शोध के मुताबिक ज्यादा नमी के साथ सूरज की किरणें मिलकर कोरोना वायरस को खत्म कर सकती है। शोध के मुताबिक दिन में बाहरी सतह से वायरस के संक्रमण का जोखिम तुलनात्मक तौर पर कम होता है।
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हालांकि इस शोध का अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकला, शोध अभी भी जारी है। जबकि जानकारों का कहना है कि सूर्य की किरण सतह पर कोरोना वायसर को मार सकती है लेकिन कोरोना से संक्रमित मामलों को कम नहीं कर सकती।
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शोध में कृत्रिम सूरज की किरणों का इस्तेमाल किया गया है। फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भविष्यवाणी की थी कि अप्रैल के महीने की गर्मी वायरस को मारने के लिए काफी है, इस बयान के आधार पर ही शोध की शुरुआत की गई है।
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शोध बताता है कि दिन में सूरज की तेज तपन से तीन मिनट के बाद ही वायरस का इंफेक्शन कम होने लगता है। उदाहरण के लिए शोध में बताया गया है कि न्यूयॉर्क शहर और वॉशिंगटन डीसी में 21 जून को सबसे ज्यादा सौर तीव्रता होगी। 21 जून जो कि उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे बड़ा दिन होता है उस दिन न्यूयॉर्क में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस होता है।
भारत जैसे देशों के लिए यह शोध काफी महत्व रखता है जहां गर्मी में कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या फिर इससे ज्यादा होता है। शोध के मुताबिक सूरज की किरणों में 9-10 मिनट में ही वायरस में वायरल यानि संक्रमण की क्षमता 90 प्रतिशत कम हो जाती है वहीं एक घंटे के बाद बिना सूर्य की किरणों से वायरस के जिंदा होने की संभावना बढ़ जाती है।
स्टडी के मुताबिक 0.26 फीसद ब्लीच और 70 प्रतिशत अल्कोहल के मिश्रण से वायरस मर सकता है। शोध के मुताबिक बाहर के दिन के वातावरण में कोरोना वायरस के संक्रमण का जोखिम कम होता है और घरों के अंदर हवा के आदान प्रदान बढ़ने से भी जोखिम कम हो सकता है।