{"_id":"5b161b794f1c1bc96b8b4735","slug":"will-mayawati-become-king-maker-in-2019-loksabha-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्या किंग मेकर बन पाएंगी मायावती?","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
क्या किंग मेकर बन पाएंगी मायावती?
शशिधर पाठक, अमर उजाला
Updated Tue, 05 Jun 2018 10:41 AM IST
विज्ञापन
mayawati
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबे समय बाद गठबंधन जैसे धर्म को स्वीकारने के बाद बसपा सुप्रीमो 2019 का किंग मेकर बनने की तैयारी कर रही हैं। बसपा सूत्रों से मिल रही सूचना के अनुसार मायावती की योजना 2019 में कम से कम 50 लोकसभा सीट जीतने की है। बसपा के नेताओं का मानना है कि बसपा अकेले दम पर इतनी सीट अभी नहीं ला सकती, लेकिन सहयोगी दलों के साथ तालमेल बिठाकर यह सफलता पाई जा सकती है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी संजय लाठर 2019 के चुनाव को काफी अहम मान रहे हैं। लाठर का कहना है कि समाजवादी पार्टी 2019 में लोकसभा चुनाव में सफलता पाने के लिए पूरा जोर लगाएगी।
हाल में अपनी प्रेस वार्ता में अखिलेश ने बसपा के साथ गठबंधन होने का भरोसा जताया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस गठबंधन में बसपा और राष्ट्रीय लोकदल को भी जगह मिल सकती है। वहीं कांग्रेस के बारे में अभी कोई कुछ नहीं कहना चाहता। फिलहाल सूचना यही है कि बिना किसी जल्दबाजी के रास्ते को चुने बसपा अध्यक्ष मायावती राजनीति पत्ता फेट रहीं हैं। समय आने पर सही चाल चलेंगी।
विज्ञापन
हरियाणा और कुछ राज्य
बसपा नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए तैयार है। मौजूदा केन्द्र सरकार के कामकाज नें दलितों की परेशानी बढ़ाई है। जनता भी नाराज है और इसका फायदा बसपा को मिलेगा। हालांकि बसपा में मायावती और सतीश चंद्र मिश्रा के अलावा कोई बयान नहीं देता। लेकिन खबर है कि ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल, कर्नाटक में जद (एस) के साथ बसपा लोकसभा चुनाव 2019 में तालमेल कर सकती है। इसी तरह से दूसरे राज्य में भी वह इसी तरह के राजनीतिक तालमेल को आगे बढ़ा सकती है।
म.प्र., राजस्थान, छत्तीसगढ़ के चुनाव में अहम साबित गठबंधन
इस साल के अंत तक म.प्र., राजस्थान, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी तीनों राज्यों में सत्ता में वापसी के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है। पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि चुनाव से पहले बसपा से तालमेल असरकारक रहेगा। ऐसा होने पर तीनों राज्यों में आसानी से भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सकेगा। सूत्र बताते हैं इसकी खिचड़ी पक रही है। माना जा रहा है कि इसी तर्ज पर बसपा कांग्रेस के साथ 2019 के लिए भी एक तालमेल बना सकती है। बसपा के एक पूर्व राज्यसभा सांसद का कहना है कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि अभी सबकुछ चर्चा के स्तर पर या अधर में है। लेकिन सूत्र का कहना है कि हम 2019 के लोकसभा चुनाव में 50 से अधिक सीटें लाने की संभावना पर काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी संजय लाठर 2019 के चुनाव को काफी अहम मान रहे हैं। लाठर का कहना है कि समाजवादी पार्टी 2019 में लोकसभा चुनाव में सफलता पाने के लिए पूरा जोर लगाएगी।
विज्ञापन
हाल में अपनी प्रेस वार्ता में अखिलेश ने बसपा के साथ गठबंधन होने का भरोसा जताया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस गठबंधन में बसपा और राष्ट्रीय लोकदल को भी जगह मिल सकती है। वहीं कांग्रेस के बारे में अभी कोई कुछ नहीं कहना चाहता। फिलहाल सूचना यही है कि बिना किसी जल्दबाजी के रास्ते को चुने बसपा अध्यक्ष मायावती राजनीति पत्ता फेट रहीं हैं। समय आने पर सही चाल चलेंगी।
विज्ञापन
हरियाणा और कुछ राज्य
बसपा नेताओं का कहना है कि पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए तैयार है। मौजूदा केन्द्र सरकार के कामकाज नें दलितों की परेशानी बढ़ाई है। जनता भी नाराज है और इसका फायदा बसपा को मिलेगा। हालांकि बसपा में मायावती और सतीश चंद्र मिश्रा के अलावा कोई बयान नहीं देता। लेकिन खबर है कि ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल, कर्नाटक में जद (एस) के साथ बसपा लोकसभा चुनाव 2019 में तालमेल कर सकती है। इसी तरह से दूसरे राज्य में भी वह इसी तरह के राजनीतिक तालमेल को आगे बढ़ा सकती है।
म.प्र., राजस्थान, छत्तीसगढ़ के चुनाव में अहम साबित गठबंधन
इस साल के अंत तक म.प्र., राजस्थान, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी तीनों राज्यों में सत्ता में वापसी के लिए अपना पूरा जोर लगा रही है। पार्टी के नेताओं को उम्मीद है कि चुनाव से पहले बसपा से तालमेल असरकारक रहेगा। ऐसा होने पर तीनों राज्यों में आसानी से भाजपा को सत्ता से बाहर किया जा सकेगा। सूत्र बताते हैं इसकी खिचड़ी पक रही है। माना जा रहा है कि इसी तर्ज पर बसपा कांग्रेस के साथ 2019 के लिए भी एक तालमेल बना सकती है। बसपा के एक पूर्व राज्यसभा सांसद का कहना है कि अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि अभी सबकुछ चर्चा के स्तर पर या अधर में है। लेकिन सूत्र का कहना है कि हम 2019 के लोकसभा चुनाव में 50 से अधिक सीटें लाने की संभावना पर काम कर रहे हैं।