फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Will die or study here, 1500 students trapped in Ukraine refuse to repatriate

Ukraine War: 'पढ़ेंगे या यहीं मरेंगे', यूक्रेन में फंसे 1500 छात्रों का स्वदेश वापसी से इनकार, सलाह नामंजूर

Sat, 22 Oct 2022 12:46 PM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 22 Oct 2022 12:46 PM IST
सार

पिछले करीब नौ माह से यूक्रेन व रूस के बीच जबर्दस्त जंग जारी है। जंग में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। सैकड़ों भारतीय छात्रों समेत लाखों लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके हैं, लेकिन अब भी वहां 1500 भारतीय छात्रों के फंसे होने की जानकारी मिली है।

विज्ञापन
Will die or study here, 1500 students trapped in Ukraine refuse to repatriate
यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

युद्धरत यूक्रेन में फंसे 1500 भारतीय छात्रों ने स्वदेश वापसी से इनकार कर दिया है। उन्होंने साफ कह दिया है कि वे यहीं पढ़ेंगे या मरेंगे। इस दौरान यदि मर गए और ताबूत में आना पड़ा, तो भी उन्हें मंजूर है। उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है। 

विज्ञापन


पिछले करीब नौ माह से यूक्रेन व रूस के बीच जबर्दस्त जंग जारी है। जंग में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। सैकड़ों भारतीय छात्रों समेत लाखों लोग यूक्रेन छोड़कर जा चुके हैं, लेकिन अब भी वहां 1500 भारतीय छात्रों के फंसे होने की जानकारी मिली है। ये छात्र भारत सरकार के दिशा निर्देश नहीं मान रहे हैं और स्वदेश लौटने से इनकार कर रहे हैं।
विज्ञापन


 केंद्र पर आरोप-कोई विकल्प नहीं छोड़ा
यूक्रेन में फंसे विद्यार्थियों का आरोप है कि भारत सरकार ने उनके समक्ष कोई विकल्प नहीं छोड़ा है। इन छात्रों में से कुछ छात्र ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन से लौटे विद्यार्थियों की भावी पढ़ाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित है। इस पर एक नवंबर को सुनवाई होगी। यूक्रेन में अटके छात्रों को भी इसका इंतजार है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कुछ माह पहले यूक्रेन लौट गए थे
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये छात्र भारत सरकार की सलाह मानने को तैयार नहीं हैं। सरकार ने इन छात्रों को तुरंत स्वदेश लौटने की सलाह दी है। इसके बाद भी 1,500 से अधिक भारतीय छात्र, जो वापस यूक्रेन चले गए थे, स्वदेश नहीं लौटना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे यूक्रेन में रहकर ही अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहते हैं। इस दौरान यदि मर गए तो ताबूत में लौटेंगे। 

स्वदेश लौटे छात्रों का भविष्य अधर में
इन्हीं में से एक विद्यार्थी ने कहा कि हमें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हम पढ़ाई पूरी करने के बाद ही स्वदेश आएंगे। उनके पास यूक्रेन में ही रहने के अलावा कोई चारा नहीं है, क्योंकि भारत सरकार ने उन्हें भारतीय चिकित्सा संस्थानों में प्रवेश देने से पहले ही हाथ खड़े कर दिए हैं। स्वदेश लौटे छात्रों का भविष्य अधर में है। 


चूंकि, भारत में मेडिकल शिक्षा की निगरानी करने वाले राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग का कहना है कि वह ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से प्राप्त डिग्री को अनुमति नहीं देगा। इसलिए इन छात्रों का कहना है कि उनके सामने यूक्रेन में रहकर ही पढ़ाई करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed