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Bengal: 'मौत की धमकियों के बावजूद चिन्मय कृष्ण दास का केस लडूंगा', प्रमुख बांग्लादेशी वकील रवींद्र घोष का बयान

Mon, 16 Dec 2024 06:49 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Mon, 16 Dec 2024 06:49 PM IST
सार

बांग्लादेश के एक प्रमुख वकील रवींद्र घोष ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार चिन्मय कृष्ण दास को निशाना बना रही है, क्योंकि वह हिंदुओं पर अत्याचारों के खिलाफ मुखर रहे हैं और सताए गए अल्पसंख्यक समुदाय को एकजुट कर रहे हैं।

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Will continue defending Bangla monk Chinmoy Krishna Das despite receiving death threats: Lawyer
चिन्मय कृष्ण दास - फोटो : एएनआई

विस्तार

बांग्लादेश के एक प्रमुख वकील रवींद्र घोष ने सोमवार को दावा किया कि जेल में बंद हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास का प्रतिनिधित्व करने का फैसला करने के बाद से उन्हें मौत की धमकियां मिल रही हैं, लेकिन उन्होंने कसम खाई कि वह न्याय और अल्पसंख्यक अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। बता दें कि, रवींद्र घोष फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। वहीं पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार दास को निशाना बना रही है, क्योंकि वह हिंदुओं पर अत्याचारों के खिलाफ मुखर रहे हैं और सताए गए अल्पसंख्यक समुदाय को एकजुट कर रहे हैं।
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'मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा सकते हैं'
बांग्लादेश के सर्वोच्च न्यायालय के वकील ने बताया, मुझे पता है कि मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा सकते हैं, लेकिन इससे मैं नहीं रुकूंगा। मैंने जीवन भर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। मैंने मुसलमानों के लिए भी मुकदमे लड़े हैं और उन्हें न्याय दिलाने में मदद की है। एक दिन मौत आएगी, लेकिन मैं लड़ाई जारी रखूंगा। रवींद्र घोष ने 1971 के बांग्लादेश मुक्ति संग्राम में हिंदू अल्पसंख्यकों द्वारा निभाई गई भूमिका पर प्रकाश डालते हुए दुख जताया कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ चल रहे अत्याचार युद्ध के 'मूल सिद्धांतों' को पराजित करते हैं, जो पश्चिमी पाकिस्तान और पूर्वी पाकिस्तान, अब बांग्लादेश के नागरिकों के साथ असमान व्यवहार को समाप्त करने के लिए लड़ा गया था।
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मुझे हर दिन मिलती है जान से मारने की धमकी- घोष
कोलकाता के पास बैरकपुर से बोलते हुए, जहां वे इलाज के लिए आए हैं, रवींद्र घोष ने कहा, 'जिस दिन से मैंने घोषणा की है कि मैं चिन्मय कृष्ण दास के लिए लड़ूंगा, मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। मुझे नियमित रूप से धमकी भरे कॉल और संदेश मिलते हैं, लेकिन यह मुझे अपना कर्तव्य निभाने से नहीं रोकेगा। मैं चिन्मय कृष्ण दास और अन्य हिंदुओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ़ लड़ना जारी रखूंगा।'
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हाल ही में गिरफ्तार किए गए हैं चिन्मय कृष्ण दास
बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता चिन्मय कृष्ण दास को ढाका के हजरत शाहजलाल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था, जब वे एक रैली के लिए चटगांव जा रहे थे। जमानत से इनकार किए जाने पर, उनको बांग्लादेशी अदालत ने 2 जनवरी तक जेल भेज दिया है। रवींद्र घोष का मानना है कि हिंदू समुदाय को एकजुट करने के उनके प्रयासों के कारण भिक्षु को झूठे आरोपों में फंसाया गया है। वकील रवींद्र घोष ने कहा, 'संत की बड़ी सार्वजनिक सभाओं ने प्रशासन को परेशान कर दिया। यही कारण है कि कट्टरपंथियों और अंतरिम सरकार ने उन्हें निशाना बनाया। मौत एक दिन आएगी, लेकिन मैं लड़ाई जारी रखूंगा।' घोष रविवार शाम को अपनी पत्नी के साथ इलाज के लिए बैरकपुर पहुंचे और अपने बेटे राहुल घोष के साथ रह रहे हैं, जो कई सालों से इस इलाके में रह रहे हैं।
 
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