फिर बाहर आया EVM का जिन्न: चुनाव परिणाम के बाद क्यों उठने लगे सवाल, चुनाव आयोग ने क्या जवाब दिया? जानें सबकुछ
ईवीएम पर नया घमासान शुरू हो गया है। एलन मस्क के एक पोस्ट को लेकर विपक्ष ने सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, भाजपा की तरफ से अमित मालवीय और राजीव चंद्रशेखर ने मोर्चा संभाल लिया है।
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विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। पहले देश के गलियारों से ईवीएम पर सवाल उठाए जाते थे। इस बार विदेशों से हमला किया गया है। सवाल पूछे जा रहे हैं कि क्या ईवीएम को हैक किया जा सकता है। दरअसल, लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद इस बार ईवीएम पर सवाल उठाना वाला विपक्ष चुप बैठा था, लेकिन एक रिपोर्ट ने शांत बैठे विपक्ष को सरकार को घेरने का एक और मौका दे दिया। दरअसल, ईवीएम पर सियासी बवंडर की शुरुआत टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बयान से हुआ है।
आइए जानते हैं लोकसभा चुनाव परिणाम के 13 दिन बाद पूरे देश में ईवीएम को लेकर क्यों हल्ला मचा हुआ है।
पहले जानते हैं लोकसभा चुनाव के परिणाम के बारे में
हमारे देश में लोकसभा चुनाव खत्म हो चुके हैं और अब कई राज्यों विधानसभा और उपचुनाव की तैयारियां हो रही है। लेकिन एक बार फिर ईवीएम का जिन्न जाग उठा है। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे चार जून को सामने आए थे। इस चुनाव में भाजपा को बड़ा नुकसान हुआ। पार्टी इस बार अपने दम पर 272 सीटों यानी बहुमत के जादुई आंकड़े को भी पार नहीं कर पाई। हालांकि, एनडीए को इस चुनाव में 292 सीटें मिलीं। इसी के साथ नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री की शपथ ली। उधर, इंडिया गठबंधन ने सभी अनुमानों को धता बताते हुए 234 सीटों पर सफलता हासिल की। आपको बता दें कि भाजपा ने 240, कांग्रेस ने 99 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की है।
क्या परिणाम के बाद ईवीएम पर उठे सवाल?
लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद इस बार किसी भी पार्टी ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल नहीं उठाए थे। सब अपनी-अपनी जीत का जश्न मना रहे थे। दरअसल, विपक्षी गठबंधन इंडिया भले ही सरकार बनाने में सफल नहीं हुआ, लेकिन वह इस बात की खुशी मना रहा था कि इस चुनाव में भाजपा को कई राज्यों में वोट प्रतिशत का नुकसान हुआ। साथ ही अपने अच्छे प्रदर्शन को लेकर विपक्ष संतुष्ट था।
मस्क ने ऐसा क्या कहा कि बढ़ गया विवाद?
अब सवाल उठता है कि चुनाव नतीजे के इतने दिनों बाद देश में ईवीएम को लेकर क्यों शोर मचा हुआ है। दरअसल, दुनिया की सबसे अमीर शख्सियतों में शुमार एलन मस्क ने हाल ही में अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर सवाल उठा दिया था। उन्होंने 16 जून को चौंकाने वाला दावा किया था। कहा था कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है और इसे खत्म किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी चुनावों से ईवीएम को हटाने की मांग की थी।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए स्वतंत्र उम्मीदवार रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर की एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया था।
कैनेडी ने क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कैनेडी जूनियर ने एसोसिएटेड प्रेस का हवाला देते हुए एक्स पर एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि प्यूर्टो रिको के प्राथमिक चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से संबंधित सैकड़ों मतदान अनियमितताएं सामने आई हैं। सौभाग्य से यह एक पेपर ट्रेल था, इसलिए समस्या की पहचान की गई और वोटों की गिनती को सही किया गया। सोचिए उन क्षेत्रों में क्या होता होगा, जहां कोई पेपर ट्रेल नहीं है?
उन्होंने आगे कहा था कि अमेरिकी नागरिकों के लिए यह जानना आवश्यक है कि उनके प्रत्येक वोट की गणना की गई है। उनके चुनावों में कोई सेंध नहीं लगाई जा सकती। चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप से बचने के लिए उन्हें पेपर बैलेट पर वापस लौटना होगा।
मस्क के बयान पर राहुल गांधी का वार
टेस्ला सीईओ मस्क के पोस्ट को टैग करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी देश में ईवीएम के जरिए हो रहे चुनाव पर तंज कसा। उन्होंने शनिवार को कहा था, 'भारत में ईवीएम एक 'ब्लैक बॉक्स' की तरह है, जिसकी जांच करने की अनुमति किसी को भी नहीं है। हमारे देश की चुनावी प्रक्रिया के पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जब संस्थाओं में जवाबदेही की कमी होती है, तो लोकतंत्र एक दिखावा बन जाता है और धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है।'
फिर बोले सैम पित्रोदा
देशभर में ईवीएम पर छिड़ी बहस में सैम पित्रोदा भी उतर आए हैं। उन्होंने कहा, 'एलन मस्क के एक बयान के कारण भारत में ईवीएम पर बहस लगातार तेज होती जा रही है। तथ्य स्पष्ट हैं। यह केवल अकेली ईवीएम नहीं है, बल्कि वीवीपीएटी और संबंधित प्रक्रियाओं और लॉजिस्टिक्स से युक्त एक जटिल प्रणाली है।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने 60 साल से ज्यादा वक्त तक इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलिकॉम जैसे सेक्टर में काम किया है। मैंने ईवीएम की व्यवस्था का पूरा अध्ययन किया है। मेरा मानना है कि इनसे छेड़छाड़ हो सकती है। सबसे सही रहेगा कि बैलेट पेपर से ही चुनाव हो और उनकी गिनती से ही हार और जीत का फैसला किया जाए।'
कांग्रेस इंडियन ओवरसीज के पूर्व अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि भारत में हाल के चुनावों के दौरान वीवीपीएटी, मतदाता सूचियों, डाले गए वोट, गिने, मार्जिन, विजेता, हारने वालों आदि के बारे में भ्रम पैदा करने के लिए मतदाताओं और ईसीआई के बीच विश्वास बनाने के लिए सावधानीपूर्वक विचार करने की आवश्यकता है।
वहीं उन्होंने स्वर्णिम नियम को लेकर कहा, 'स्वर्णिम नियम यानी जिसके पास सोना है, वही नियम बनाता है। सबसे ज्यादा सोना रखने वाले व्यक्ति ने ईवीएम और स्वर्णिम मानक के रूप में पेपर बैलेट की जरूरत पर बात की है। मैं सहमत हूं। मुझे उम्मीद है कि हम सुनेंगे, सीखेंगे और काम करेंगे।'
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार
अमित मालवीय ने कहा कि एलन मस्क या जिसे भी ऐसा लगता है कि ईवीएम को हैक किया जा सकता है वो भारत के चुनाव आयोग के पास जाकर इस पर बात कर सकता है। वहीं, राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि ईवीएम सुरक्षित है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।
ईवीएम पर सियासी बवंडर मुंबई तक पहुंच गया है। शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रवींद्र वायकर के रिश्तेदार मंगेश पंडिलकर पर आरोप लगाया गया है कि वे चार जून को मुंबई के काउंटिंग सेंटर में एक मोबाइल फोन लेकर गए थे और ईवीएम को अनलॉक किया था। पुलिस ने इस मामले में वायकर के रिश्तेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वनराई पुलिस की जांच में पता चला कि मंगेश पंडिलकर फोन का इस्तेमाल कर रहे थे। इस मोबाइल फोन का इस्तेमाल ईवीएम मशीन को अनलॉक करने वाले ओटीपी को जनरेट करने के लिए किया गया था।
सरकार विपक्ष में ठनी
मोबाइल फोन के इस्तेमाल करने की जानकारी सामने आने पर विपक्षियों ने हमला करना शुरू कर दिया था। इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई उत्तर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम से छेड़छाड़ के दावों पर आश्चर्य जताया था। उन्होंने सवाल पूछा था कि क्या ईवीएम पर इसलिए संदेह जताया जा रहा है क्योंकि इस लोकसभा सीट से उनकी पार्टी के प्रत्याशी ने जीत हासिल की?
दरअसल, इससे पहले शिवसेना के प्रत्याशी रवींद्र वायकर ने मुंबई उत्तर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना-यूबीटी के प्रत्याशी अमोल कीर्तिकर को 48 मतों के अंतर से हराया था। इस चुनाव परिणाम के बाद यह आरोप लगने लगे कि मतगणना के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर ईवीएम से कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई। इसके जवाब में एकनाथ शिंदे ने कहा था कि राज्य में किसी अन्य लोकसभा सीट के परिणामों पर सवाल क्यों नहीं उठाए जा रहे? क्या ऐसा इसलिए क्योंकि मुंबई उत्तर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना के प्रत्याशी की जीत हुई है?
चुनाव आयोग का इस पर क्या कहना?
हालांकि, मुंबई में ईवीएम हैकिंग के आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया था। मुंबई की रिटर्निंग ऑफिसर वंदना सूर्यवंशी ने कहा था कि ऐसा नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा था कि ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं और ईवीएम को अनलॉक करने के लिए किसी ओटीपी की जरूरत नहीं होती। उन्होंने कहा था कि ईवीएम को किसी डिवाइस से कनेक्ट नहीं किया जा सकता है। ईवीएम के बारे में गलत सूचना फैलाने और भारतीय चुनाव प्रणाली में संदेह पैदा करने के लिए न्यूज पेपर को नोटिस जारी किया है।
एनडीए की बैठक में मोदी ने विपक्ष पर कसा था तंज
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का नेता चुने जाने के बाद कार्यवाहक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सात जून को संसदीय दल को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने ईवीएम को लेकर भी विपक्षी गठबंधन को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने कहा था, 'जब चार जून के नतीजे आए तो मैं काम में व्यस्त था। बाद में फोन आना शुरू हुए। मैंने कहा कि ये आंकड़े तो ठीक हैं, ये बताओ कि ईवीएम जिंदा है या मर गया? क्योंकि ये लोग तय करके बैठे थे कि भारत के लोकतंत्र और लोकतंत्र की प्रक्रिया से लोगों का विश्वास उठा दिया जाए। ये लगातार ईवीएम को गाली देते रहे। ये ईवीएम की अर्थी निकालने की तैयारी में थे। शाम आते-आते उनकी जुबान में ताले लग गए और ईवीएम ने उन्हें चुप करा दिया।'
उन्होंने आगे कहा था, 'ताकत लोकतंत्र और चुनाव आयोग की है। आशा करता हूं कि पांच साल ईवीएम नहीं सुनाई देगा, लेकिन 2029 में हम जाएं तो शायद ये फिर ईवीएम कहने लगेंगे। चुनाव में हर तीसरे दिन सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे खटखटाए गए ताकि चुनाव आयोग के काम में रुकावट आए। कैसे रुकावट डालें, इसका प्रयास करते रहे। चुनाव जब चरम पर थे, तब चुनाव आयोग की ताकत का बड़ा हिस्सा अदालतों में जा रहा था। कितनी निराशा था उन लोगों में। देश उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।'
नतीजों से पहले कांफ्रेंस में क्या बोले थे सीईसी?
लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) राजीव कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्हों ईवीएम को लेकर पूछे गए सवाल पर मुस्कुराते हुए कुछ ऐसा कह दिया था, जिसकी चर्चा चारों तरफ हो गई थी। दरअसल, उन्होंनेमजाकिया अंदाज में कहा था, 'अब तो सबके सामने है। अब तो सबको पता है तो अब क्यों पीटना है। अब थोड़े दिन ईवीएम को आराम करने दिजिए। उसे अगले चुनाव तक आराम करने दीजिए। फिर बाहर आएगी, बैटरी बदलेंगे, पेपर बदलेंगे। फिर वो गाली खाएगी और फिर रिजल्ट अच्छे से बताएगी। शायद गलत मुहूर्त में उसका जन्म हुआ है।'