फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Why Modi visits Vietnam before China

आखिर क्यों चीन से पहले वियतनाम गए पीएम मोदी

Sat, 03 Sep 2016 06:56 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Sat, 03 Sep 2016 06:56 PM IST
विज्ञापन
Why Modi visits Vietnam before China
वियतनाम में मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और वियतनाम की रणनीतिक साझेदारी को समग्र रणनीतिक सहयोग में तब्दील करने के फैसले से भविष्य के संबंधों का रास्ता तय होगा। वियतनाम के एक दिन के दौरे पर गए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इससे हमारे द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा, गति और अर्थ मिलेगा।"

विज्ञापन


मोदी की मौजूदगी में दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर दस्तख्त हुए। भारत रक्षा सहयोग को बढ़ाते हुए वियतनाम को 50 करोड़ अमेरिकी डॉलर का ऋण देगा।

दोनों देशों के बीच साल 2017 को 'दोस्ती के साल' के रूप में मनाए जाने की भी घोषणा की गई है। मोदी बीते एक दशक में वियतनाम की यात्रा करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं। मोदी वियतनाम से चीन जा रहे हैं, जहां वो हांगजो में रविवार और सोमवार को होने वाली जी-20 बैठक में हिस्सा लेंगे।

विज्ञापन

चीन को सामरिक संदेश देने का प्रयास 

Why Modi visits Vietnam before China
साउथ्‍ा चाइना सी

चीन के साउथ चाइना सागर में प्रभुत्व स्थापित करने की कोशिशों से जुड़े विवाद के बीच मोदी के वियतनाम जाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वो भी तब जब उन्हें इसके बाद चीन जाना है। जानकारों का कहना है कि साउथ चाइना सागर में चीन के विस्तार के कारण वियतनाम दबाव में है और मोदी के इस कदम को भारत और वियतनाम के बीच बढ़ती दोस्ती और साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है।

इसी साल जुलाई में अंतरराष्ट्रीय अदालत ने कहा था कि ऐसे कोई ऐतिहासिक सबूत नहीं हैं कि चीन का इस समुद्र और इसके संसाधनों पर एकाधिकार रहा है। चीन ने अदालती कार्रवाई को 'ढोंग' बताते हुए खारिज कर दिया था। इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (आईसीडब्ल्यूए) के फेलो और दक्षिण पूर्व एशिया मामलों के जानकार राहुल मिश्रा ने बीबीसी संवाददाता निखिल रंजन को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी चीन जाने से पहले वियतनाम गए, चीन भी ऐसा करता रहा है, चीन के नेता भारत दौरे से पहले पाकिस्तान जाते रहे हैं।

वे बताते हैं कि मोदी को लाओस में दक्षिण एशिया शिखर सम्मेलन की बैठक में शिरकत के लिए जाना ही था, लेकिन अगर चीन से जुड़ा पहलू इसमें शामिल है तो ये अच्छा सामरिक संदेश देने का प्रयास है। राहुल मिश्रा कहते हैं, "दशकों से वियतनाम सैन्य और सामरिक महत्व का सहयोगी रहा है।

माना जा रहा है कि मोदी चीनी राष्ट्रपति से न्यूक्लियर्स सप्लायर्स ग्रुप यानी एनएसजी में भारत की सदस्यता के समर्थन के संबंध में बात करेंगे। उनकी राय में दोनों देशों के बीच मोल-तोल की स्थिति नहीं है। भारत को चीन से बहुत सारी चीजें चाहिए लेकिन वो बहुत कुछ देने की स्थिति में नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed