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Hindi News ›   India News ›   Why BJP President Amit Shah becomes the Home Minister of India in Narendra Modi Government?

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह क्यों बने देश के गृह मंत्री, क्या है पीएम मोदी की मंशा?

Fri, 31 May 2019 04:35 PM IST
शशिधर पाठक शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: शशिधर पाठक Updated Fri, 31 May 2019 04:35 PM IST
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Why BJP President Amit Shah becomes the Home Minister of India in Narendra Modi Government?
अमित शाह (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बीच में आपस में एक दूसरे को बधाई या रिवार्ड देने का कोई रिश्ता नहीं है, बल्कि दोनों के बीच में आपस की केमिस्ट्री और उद्देश्य को अच्छी तरह से समझने की अंतरंगता है। यही वजह है कि कभी मुख्यमंत्री रहने के दौरान कैबिनेट में गृह मंत्री रहे अमित अनिल चंद्र शाह को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कैबिनेट में इस बार गृह मंत्री बनाया है। 

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अमित शाह को गृह मंत्री बनाने के पीछे प्रधानमंत्री की कुछ जटिल चुनौतियों पर पार पा लेने की मंशा है। प्रधानमंत्री को भरोसा है कि इन चुनौतियों से निबटने के लिए जरूरी संदेश अमित शाह ही दे सकते हैं।

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जम्मू-कश्मीर की चुनौती 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने सबसे बड़ी चुनौती जम्मू-कश्मीर का आतंकवाद है। यह उनके पहले कार्यकाल में नासूर बना था। पाकिस्तान की शह पर जम्मू-कश्मीर में आतंकी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। इसके लिए जितनी बड़ी जरूरत नियंत्रण रेखा और पाकिस्तान पर आतंकवाद को शह न देने पर दबाव बनाने की है, उससे कहीं बड़ी जरूरत जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाज, आंदोलनकारी और विघटनकारी, अलगाववादियों को काबू में रखने की है। 

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भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की छवि इसके लिए बिल्कुल उपयुक्त है। प्रधानमंत्री को भरोसा है कि अमित शाह के कार्यभार संभालते ही जम्मू-कश्मीर से लेकर पाकिस्तान में चल रहे आतंकी संगठनों तक इसका सकारात्मक संदेश जाएगा। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35ए को लेकर भाजपा ने देश से एक वादा किया है। इसके लिए भी अमित शाह से अच्छा चेहरा प्रधानमंत्री के पास नहीं है। 

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा जम्मू-कश्मीर के लद्दाख के हित को भी जोड़ती है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इसे अमली जामा पहनाने में सक्षम हैं। खास बात यह है कि पूर्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह अब रक्षा मंत्री हैं। इस तरह से राजनाथ सिंह और अमित शाह आसानी से तालमेल बनाकर जम्मू-कश्मीर में तमाम चुनौतियों से निबट सकते हैं।

एनआरसी का मुद्दा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछली सरकार में राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण ने आकार लेना शुरू किया है। ज्वलंत मुद्दा है। पूर्वोत्तर और खासकर असम के इतिहास से इसकी जड़े जुड़ी हैं। भाजपा बांग्लादेश के अनाधिकृत रूप से रह रहे विदेशियों को लेकर लगातार संवेदनशील रही है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्य एजेंडे में है। 

असम विधान सभा के पिछले चुनाव में भाजपा ने इसे मुद्दा बनाया था। इस साल वहां चुनाव भी होना है। भाजपा के कुछ बड़े नेता बिना नाम छापने की शर्त पर कहते हैं कि इस जटिल स्थिति से अध्यक्ष जी (अमित शाह) के अलावा बहुत कम लोर पार पा सकते हैं। उनका केंद्रीय गृह मंत्री बनना ही पर्याप्त है।

नक्सल उग्रवाद

पुरानी कहावत है। पुलिस नहीं उसका डंडा (हनक) राज करता है। नक्सल क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे और खुफिया सेवा से 2017 में रिटायर हुए वरिष्ठ अफसर की मानें तो अमित शाह के केंद्रीय गृह मंत्री बनने से नक्सल समस्या को नियंत्रित करने में आसानी होगी। 



अमित शाह सख्त हैं। उन्हें कड़े होमवर्क के साथ सख्ती से लागू कराने वाले चेहरे के तौर पर जाना जाता है। दूसरा, उनके गृह मंत्री बनने के बाद केन्द्र सरकार की नीतियों में एक स्पष्टता देखने को मिलेगी। इससे नक्सलवाद पर बड़ा दबाव बनाने में मदद मिलेगी। अलगाववादी ताकतों को इससे झटका लगेगा।
 

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