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पाकिस्तान की दुखती रग क्यों है बलूचिस्तान, जानिए

Tue, 16 Aug 2016 04:19 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Tue, 16 Aug 2016 04:19 PM IST
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Why balochistan is pakistan's sore point, Know?
- फोटो : bbc

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से अपने भाषण में बलूचिस्तान और गिलगित बल्तिस्तान का ज़िक्र किया। बलोच नेताओं ने इसका स्वागत किया तो पाकिस्तान की तरफ से इस पर गहरी नाराज़गी जताई गई है। आइए जानते हैं इन दोनों इलाक़ों के बारे में-

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बलूचिस्तान

क्षेत्रफल के हिसाब से बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा प्रांत है, हालांकि चारों प्रांतों के मुकाबले वहां की आबादी सबसे कम है। इसकी सीमाएं ईरान और अफगानिस्तान से मिलती है और ये प्राकृतिक संसाधनों से माला माल है। वहां गैस, कोयला, तांबा और कोयला के बड़े भंडार है, लेकिन अब भी बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे ग़रीब प्रांत है।
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बलोच राष्ट्रवादी नेताओं का आरोप है कि पाकिस्तान की केंद्रीय सरकार उनका उत्पीड़न कर रही है और उन्हें उनके वाजिब अधिकार नहीं दे रही है। पाकिस्तान का कहना है कि वो बलूचिस्तान में अलगावादियों के खिलाफ लड़ाई जीत रहा है जबकि बलोच कार्यकर्ताओं का कहना है कि पाकिस्तानी सेना वहां अपहरण, उत्पीड़न और हत्याएं कर रही है जिसके कारण वहां पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं भड़क रही हैं।
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बलूचिस्तान के लोगों में नाराज़गी दशकों से रही है लेकिन चरमपंथ की ताज़ा लहर 2006 में उस वक़्त शुरू हुई जब पाकिस्तानी सेना ने बलोच क़बायली नेता नवाब अकबर बुगती को मार दिया था।

बलूचिस्तान में लंबे समय से जंग लड़ रही है पाक सेना

Why balochistan is pakistan's sore point, Know?

अलगाववादियों का कहना है कि वो आज़ाद बलूचिस्तान के लिए लड़ रहे हैं, मुख्यत: पहाड़ों में इन लोगों के ठिकाने हैं और वहीं से ये काम करते हैं, लेकिन बताया जाता है कि आम लोगों में भी उन्हें अच्छा ख़ासा समर्थन प्राप्त है।

बहुत से पाकिस्तानी राजनेता बलूचिस्तान को एक राजनीतिक समस्या मानते हैं और बातचीत के ज़रिए उसके शांतिपूर्ण समाधान के पक्ष में हैं।

लेकिन पाकिस्तान में आने वाली सरकारें इस दिशा में बहुत ज़्यादा कोशिश नहीं कर पाई हैं। ऐसे में, पाकिस्तानी सेना पर ताकत के दम पर अलगावादियों को कुचलने के आरोप लगते हैं।

कई बलोच संगठन पाकिस्तान और चीन की आर्थिक कोरिडोर से जुड़ी महत्वाकांक्षी परियोजना का भी विरोध कर रहे हैं जिसके तहत चीन के शिनचियांग प्रांत को बलूचिस्तान के ग्वादर बंदरगाह तक जोड़ा जाना है।

दूसरी तरफ पाकिस्तान की सरकार और सेना भारत पर बलूचिस्तान में गड़बड़ी फैलाने के आरोप लगाती है, जिससे भारत इनकार करता है।

Why balochistan is pakistan's sore point, Know?
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लाल किले से अपने भाषण में बलूचिस्तान का जिक्र किया तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के विदेश मामलों से सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने कहा कि इससे वहां हालात बिगाड़ने में भारत के हाथ की पुष्टि होती है।

बलूचिस्तान लिबेरशन आर्मी, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट, यूनाइटेड बलोच आर्मी, लश्कर-ए-बलूचिस्तान, बलूचिस्तान लिबेरशन यूनाइटेड फ्रंट जैसे कई संगठन बलूचिस्तान की आज़ादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

गिलगित-बल्तिस्तान

भारत जिस हिस्से को 'पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर' कहता है, उसे पाकिस्तान में दो अलग अलग हिस्सों में बांटा गया है - एक है गिलगित-बल्तिस्तान का इलाक़ा, जिसे पहले नॉर्दन एरिया के नाम से जाना जाता था और दूसरा वो जिसे पाकिस्तान 'आज़ाद कश्मीर' कहता है।

गिलगित-बल्तिस्तान की सीमाएं एक तरफ़ पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तून ख्वाह प्रांत से लगती हैं तो दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर से। यह इलाका चीन और अफगानिस्तान से भी सटा हुआ है।

गिलगित बल्तिस्तान शिया बहुल इलाक़ा है। जबकि पाकिस्तान सुन्नी बहुल देश है। इस इलाके से भी पाकिस्तान-चीन आर्थिक कोरिडोर परियोजना के विरोध की खबरें हैं। इस इलाके में 2009 में पहली बार चुनाव हुए थे, फिलहाल वहां प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी की सत्ता में है। 
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