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कौन था मुंबई का अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला, जिसने दाऊद को लात-घूसों से पीटा था

Thu, 16 Jan 2020 10:36 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Priyesh Mishra Updated Thu, 16 Jan 2020 10:36 AM IST
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Who Was Karim Lala, Why Indira Gandhi Meet Mumbai Mafia Don, Dawood Ibrahim Haji Mastan Relations
करीम लाला - फोटो : Social Media

मुंबई का अंडरवर्ल्ड डॉन रहा पठान गैंग का मुखिया करीम लाला फिर चर्चा में है। बुधवार को शिवसेना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत द्वारा दावा किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मुंबई में पुराने डॉन करीम लाला से मिलने आती थीं। महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में राउत के इस बयान ने खलबली मचा दी है।

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कहा जाता है कि करीम लाला ने एक बार डी कंपनी का सरगना दाऊद इब्राहिम को लात-घूसों से जमकर पीटा था। वह डॉन हाजी मस्तान से पहले मुंबई में अपराधियों का सरगना था। करीम लाला का असली नाम अब्दुल करीम शेर खान था। 
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काम की तलाश में अफगानिस्तान से पहुंचा था मुंबई
करीम लाला अफगानिस्तान में पैदा हुआ था। वह पश्तून था और करीब 21 साल की आयु में काम की तलाश में भारत आया था। 1930 में पेशावर से मुंबई (तत्कालीन बंबई) पहुंचकर उसने छोटे मोटे काम धंधे करना शुरू किया लेकिन उसे यह रास नहीं आया। 

करीम लाला घर से संपन्न था और उसे ज्यादा पैसा कमाने की बहुत चाहत थी। इसके लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा। सबसे पहले उसने मुंबई के ग्रांट रोड स्टेशन के पास एक मकान किराए पर लेकर उसमें सोशल क्लब नाम से जूए का अड्डा खोला। इस क्लब ने देखते ही देखते मुंबई में अपनी धाक जमा ली।

उसके इस क्लब में जुआ खेलने मुंबई के कई नामी गिरामी सेठ आते थे। जहां से उसकी जान-पहचान भी बनने लगी। जुए के अलावा उसने मुंबई पोर्ट पर कीमती गहनों, सोने, हीरों की तस्करी में भी हाथ आजमाया। आजादी के पहले तक उसने इस धंधे से बहुत पैसा कमाया।

करीम लाला, हाजी मस्तान और वरदाराजन में वर्चस्व की लड़ाई

मुंबई में उन दिनों करीम लाला, हाजी मस्तान और वरदाराजन अपना-अपना वर्चस्व स्थापित करने में लगे हुए थे। खून-खराबे और धंधे को हो रहे नुकसान को देखते हुए तीनों ने मिलकर काम और इलाकों का आपस में बंटवारा कर लिया। इससे तीनों अपने-अपने क्षेत्र में शांति से काम करने लगे।

जब दाऊद इब्राहिम को करीम लाला ने लात-घूसों से पीटा
कुछ समय बाद मुंबई पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल इब्राहिम कासकर के दो बेटे दाऊद इब्राहिम कासकर (दाऊद इब्राहिम) और शब्बीर इब्राहिम कासकर हाजी मस्तान की गैंग से जुड़ गए। दोनों ने करीम लाला के एरिया में तस्करी का धंधा शुरू कर दिया।

इससे नाराज होकर करीम लाल ने दाऊद को पकड़कर खूब पीटा था। यहां से भागकर दाऊद ने किसी तरह अपनी जान बचाई थी। लेकिन, बाद में फिर एक बार दाऊद ने करीम लाला के इलाके में धंधा शुरू किया। जिसके बाद दाऊद को कड़ा सबक सिखाने के लिए 1981 में पठान गैंग ने दाऊद के भाई शब्बीर की हत्या कर दी। इसके बाद दाऊद ने करीम लाला के भाई रहीम खान की 1986 में हत्या कर दी।

90 साल की उम्र में 19 फरवरी 2002 को मुंबई में करीम लाला की मौत हो गई।

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