फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Who Is Vishnu Gupta Hindu Sena Chief Filed Legal Case Against Ajmer Dargah News In Hindi

Ajmer: कौन हैं दरगाह को मंदिर बताने वाले विष्णु गुप्ता? कभी पीएम मोदी के लिए आडवाणी के खिलाफ किया था प्रदर्शन

Sat, 30 Nov 2024 05:39 AM IST
शिवेंद्र तिवारी स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Sat, 30 Nov 2024 05:39 AM IST
विज्ञापन
सार
Who Is Vishnu Gupta: हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता इस वक्त चर्चा में हैं। विष्णु ने एक सिविल मुकदमे में दावा किया है कि अजमेर दरगाह एक मंदिर के ऊपर बनाई गई थी। अजमेर की अदालत ने अजमेर दरगाह समिति सहित तीन पक्षों को नोटिस जारी किया गया है। हालांकि, दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी ने कहा कि यह वाद सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए है।
loader
Who Is Vishnu Gupta Hindu Sena Chief Filed Legal Case Against Ajmer Dargah News In Hindi
अजमेर दरगाह मामले के याचिकाकर्ता विष्णु गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह को लेकर कानूनी विवाद शुरू हो गया है। यह विवाद हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की एक याचिका के बाद सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि दरगाह स्थल पर शिव मंदिर था। अदालत ने इस मामले को सुनवाई के योग्य मानते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होनी है। इस बीच, अजमेर दरगाह के खादिमों ने दरगाह स्थल पर मंदिर के दावों को खारिज करते हुए कहा कि विष्णु गुप्ता की याचिका का मकसद सिर्फ देश के सांप्रदायिक सद्भाव को खतरे में डालना है।


आइये जानते हैं हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता कौन हैं, जिन्होंने दावा किया है कि अजमेर दरगाह स्थल पर एक मंदिर था? विष्णु गुप्ता ने क्या पहले भी ऐसे केस किए हैं? उनकी संस्था हिंदू सेना क्या है? 

हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता
हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता - फोटो : Hindu Sena/FB
पहले जानते हैं कि विष्णु गुप्ता क्यों चर्चा में हैं?
हिंदू सेना के प्रमुख विष्णु गुप्ता ने एक सिविल मुकदमा दाखिल किया है, जिसमें दावा किया गया है कि अजमेर दरगाह एक शिव मंदिर के ऊपर बनाई गई थी और इसे भगवान संकटमोचन महादेव विराजमान मंदिर घोषित किया जाना चाहिए। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) मनमोहन चंदेल ने 27 नवंबर को मुकदमे के प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया। जिन तीन पक्षों को नोटिस जारी किया गया है उनमें अजमेर दरगाह समिति, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कार्यालय शामिल हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

हिंदू सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अधिवक्ता शशि रंजन कुमार सिंह के जरिए दरगाह समिति को परिसर से हटाने की मांग करते हुए यह मुकदमा दायर किया है। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई को दरगाह का सर्वेक्षण करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है। याचिका में दावा किया गया है कि मुख्य प्रवेश द्वार पर छत का डिजाइन हिंदू संरचना जैसा दिखता है, जो दर्शाता है कि यह स्थल मूल रूप से एक मंदिर था।

विष्णु गुप्ता ने अपनी याचिका में आगे तर्क दिया है कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है जो दर्शाता हो कि अजमेर दरगाह खाली जमीन पर बनाई गई थी। इसके बजाय, ऐतिहासिक विवरण बताते हैं कि इस स्थल पर महादेव मंदिर और जैन मंदिर थे, जहां हिंदू भक्त अपने देवताओं की पूजा करते थे। इसलिए, मुकदमे में केंद्र सरकार को विवादित संपत्ति के स्थल पर भगवान संकटमोचन महादेव मंदिर के पुनर्निर्माण के निर्देश देने की मांग की गई है।

हालांकि, दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि यह वाद सिर्फ सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए है। यह हिंदुस्तान की वह दरगाह है, जिससे पूरी दुनिया के हर मजहब का आदमी जुड़ा हुआ है। हर मजहब के आदमी की आस्था दरगाह से जुड़ी हुई है। इस दरगाह की तारीख कोई सौ दो सौ साल पुरानी नहीं, लगभग 850 साल पुरानी है। सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि न्याय प्रक्रिया पर हम लोग नजर लगाए हुए हैं। हम अपने वकीलों से राय ले रहे हैं। हम वकीलों से आगे की प्रक्रिया की राय ले रहे हैं। जैसे ही हमें  विशेषज्ञों का सुझाव मिलेगा, उसके अनुसार हम आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। 

हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता
हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता - फोटो : Hindu Sena/FB
केस करने वाले विष्णु गुप्ता कौन हैं?
विष्णु गुप्ता की वेबसाइट के अनुसार, वह गैर-लाभकारी संगठन हिंदू सेना के संस्थापक और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। विष्णु गुप्ता का जन्म 10 अगस्त 1984 को उत्तर प्रदेश के एटा जिले के सकीट में हुआ था। जब वे छह साल के थे, तब वे आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। विष्णु ने 2011 में हिंदू सेना की शुरुआत की थी।

हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता
हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता - फोटो : Hindu Sena/FB
करियर कैसा रहा है?
विष्णु गुप्ता की वेबसाइट के अनुसार सात वर्ष की आयु में उन्होंने 1991 में अपने गांव सकीट में राम जन्मभूमि आंदोलन में भाग लिया, जिससे उन्हें राजनीतिक करियर बनाने की प्रेरणा मिली। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शिवसेना दिल्ली राज्य युवा शाखा के उपाध्यक्ष के रूप में शुरू किया। हालांकि, बाद में पार्टी के पद से इस्तीफा दे दिया।

हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता
हिंदू सेना प्रमुख विष्णु गुप्ता - फोटो : Hindu Sena/FB
विष्णु गुप्ता ने हिंदू सेना कब और क्यों बनाई?
विष्णु की अपनी वेबसाइट के मुताबिक, 'एटा निवासी विष्णु ने साल 2011 में कुछ समर्थकों के साथ मिलकर एक गैर-लाभकारी संगठन हिंदू सेना की शुरुआत की। हिंदू सेना की स्थापना हिंदू समुदाय के उत्थान और संरक्षण के एकमात्र उद्देश्य से की गई। आज इस संगठन की दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, जम्मू और कश्मीर और महाराष्ट्र राज्यों में सक्रिय इकाइयां हैं।'

हिंदू सेना का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन
हिंदू सेना का पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन - फोटो : Hindu Sena/FB
विरोध प्रदर्शनों में होते हैं शामिल
वेबसाइट पर मौजूदा जानकारी के अनुसार, विष्णु गुप्ता ने समय-समय पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। विष्णु को वामपंथियों के खिलाफ उनके विरोध के कारण 2011 से कई बार हिरासत में लिया गया था। उन्होंने कई बार पाकिस्तान और चीन के खिलाफ कई विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। विष्णु गुप्ता ने बलूचिस्तान की आजादी के लिए प्रदर्शन का नेतृत्व भी किया है। हिंदू सेना ने 2013 में तत्कालीन भाजपा प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के समर्थन में लाल कृष्ण आडवाणी के घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया था।

हिंदू सेना का ट्रंप की जीत के लिए हवन
हिंदू सेना का ट्रंप की जीत के लिए हवन - फोटो : Hindu Sena/FB
डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक
राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के नेतृत्व वाली हिंदू सेना भारत में ट्रंप के सबसे पुराने समर्थकों में से एक है। विष्णु गुप्ता ने समय-समय पर राष्ट्रपति पद के लिए चुने गए डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में कार्यक्रम आयोजित किए हैं और साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभियान भी चलाया है। 2016 में विष्णु गुप्ता ने तत्कालीन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक अनुष्ठान हवन का आयोजन किया था। 

हिंदू सेना का प्रदर्शन
हिंदू सेना का प्रदर्शन - फोटो : Hindu Sena/FB
कानूनी मामले दाखिल करने के लिए भी जानी जाती है हिंदू सेना 
अजमेर दरगाह मामले से पहले भी विष्णु गुप्ता या उनके संगठन ने अलग-अलग मामलों में अदालत का रुख किया है। मई 2022 में विष्णु गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में ज्ञानवापी विवाद में एक हस्तक्षेप आवेदन दाखिल किया था। इस अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद प्रबंधन समिति द्वारा दायर याचिका को खारिज करने की मांग की गई थी, जिसने वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के वीडियोग्राफिक सर्वेक्षण को चुनौती दी थी। हालांकि, 2022 में ही सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली एक पीठ ने गुप्ता की हस्तक्षेप आवेदन को खारिज कर दिया था।

इसके बाद विष्णु गुप्ता की हिंदू सेना की ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका को दाखिल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 2002 के गुजरात दंगों पर बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। हालांकि, फरवरी 2023 में जस्टिस संजीव खन्ना और एमएम सुंदरेश की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हिंदू सेना की याचिका को खारिज कर दिया।

इसी साल अप्रैल 2024 में हिंदू सेना ने दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका के जरिए अरविंद केजरीवाल को उनकी गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग की थी। यह याचिका भी अदालत ने खारिज कर दी थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed